अगर आप यह मानते हैं कि मधुमेह केवल अधिक उम्र वालों को ही होता है तो ऐसा नहीं है। इस बीमारी की चपेट में 18 साल से कम उम्र के बच्चे भी आ रहे हैं। सामान्य तौर पर ब्लड शुगर का लेवल 100-140 होना चाहिए, लेकिन इन बच्चों की जांच में ब्लड शुगर लेवल औसतन 200 से 300 होता है।
बीएचयू आईएमएस के इंडोक्राइनोलॉजी विभाग की ओपीडी में हर दिन आने वाले औसतन 150 से 200 मरीजों में चार से पांच बच्चे मधुमेह से पीड़ित होते हैं। इनमें कुछ असंतुलित खान-पान, जंक फूड का अधिक सेवन, खराब जीवन शैली, अनियमित दिनचर्या और मोटापा आदि की वजह से मधुमेह की चपेट में आते हैं। कुछ बच्चे ऐसे होते हैं जिनका शुगर लेवल कंट्रोल करने के लिए चिकित्सकों को इंसुलिन देना पड़ता है।
बच्चों में मधुमेह का कारण :
वजन सामान्य से अधिक होना, पैंक्रियाज ग्रंथि में खराबी, वायरस का संक्रमण होना।
ये हैं प्रमुख लक्षण :
भूख अधिक लगना और बार-बार पेशाब आना, कमजोरी और थकान महसूस होना, वजन कम होना।