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नो इंट्री में घुसे ट्रैक्टर ने मासूम को कुचला, गुस्साए लोगों ने पुलिस पर पथराव के साथ की तोड़फोड़

Wed, 21 Feb 2018 08:13 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
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मृतक गोलू - फोटो : file photo
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बनारस के सारनाथ में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे ने एक मासूम की जिंदगी निगली ली। सलारपुर तिराहा के समीप दादी और बड़े भाई के साथ घर जा रहे गोलू (4) को नो इंट्री में घुसे गिट्टी लदे तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने कुचल दिया।
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हादसे में गोलू की मौके पर ही मौत हो गई और ट्रैक्टर छोड़कर चालक भाग निकला। गुस्साए लोगों ने कपिलधारा-पंचक्रोशी मार्ग जाम कर डीजल उड़ेल कर आग लगा दी और पुलिस पर पथराव के साथ ही ट्रैक्टर में में तोड़फोड़ की।

सूचना पाकर पहुंची पुलिस और पीएसी गुस्साए लोगों को शांत कराने में असफल रही और पुलिस-प्रशासन विरोधी नारे लगाए जाते रहे। आखिरकार जब चार घंटे बाद डीएम ने फोन पर आश्वस्त किया कि सलारपुर में सुबह छह बजे से रात नौ बजे तक नो इंट्री कड़ाई के साथ लागू रहेगी।
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गिट्टी लाद कर ट्रैक्टर कैसे जा रहा था, इसकी जांच कराकर सरायमोहाना पुलिस चौकी के पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी और पीड़ित परिवार को मुआवजा दिया जाएगा। तब जाकर ग्रामीण शांत हुए और जाम खत्म होने के साथ ही शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया।

सलारपुर में वर्ष 2014 में सड़क हादसे में एक छात्र की मौत के बाद यहां नो इंट्री का नियम लागू किया गया था और बोर्ड लगवाया गया था। हालांकि, पुलिस ने अवैध वसूली के चक्कर में नो इंट्री का नियम कब का भुला दिया और अब उस बोर्ड का भी पता नहीं है।
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20 लाख मुआवजा देने की मांग

रोते बिलखते परिजन - फोटो : अमर उजाला
सारनाथ थाना अंतर्गत सलारपुर निवासी मजदूर सुरेंद्र कुमार मौर्य के तीन बेटों में दूसरे नंबर का गोलू अपनी दादी प्यारी देवी के साथ बड़े भाई दिव्यांश को स्कूल से लेकर 12 बजे के लगभग घर जा रहा था।

सलारपुर तिराहा के समीप गोलू अपनी दादी और भाई के साथ सड़क पार कर रहा था इसी दौरान कपिलधारा से पंचक्रोशी चौराहा की ओर जा रहे ट्रैक्टर ने गोलू को कुचल दिया। हादसे में गोलू की मौके पर ही मौत हो गई और ट्रैक्टर छोड़कर चालक भाग निकला।

गुस्साए लोगों ने मौके पर जाम लगा दिया। सभी का कहना था कि चालक नाबालिग था। पीड़ित परिवार को 20 लाख मुआवजा देने के साथ ही ट्रैक्टर चालक और मालिक को गिरफ्तार कर जेल भेजा जाए।

सूचना पाकर सीओ कैंट प्रशांत वर्मा चार थानों की फोर्स और पीएसी के साथ मौके पर पहुंचे लेकिन ग्रामीण उनकी सुनने को तैयार ही नहीं थे और मौके पर डीएम को बुलाने की मांग कर रहे थे।

एसीएम चतुर्थ नीता यादव ने डीएम से फोन पर बात की और उन्होंने नो इंट्री लागू करने के साथ नियमानुसार मुआवजा और दोषी पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई का आश्वासन दिए तो चार बजे के बाद आवागमन सामान्य हुआ। 
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