उत्तर प्रदेश के गाजीपुर में बच्चों के खेल-खेल में एक झोपड़ी आग का गोला बन गई। काफी प्रयास के बाद किसी तरह लोगों ने आग पर काबू पाया। आग की इस घटना में जहां एक मासूम की झुलसकर मौत हो गई, वहीं गृहस्थी के हजारों का सामान आग की भेंट चढ़ गया। मासूम की मौत से घर में कोहराम मचा हुआ है।
दुल्लहपुर क्षेत्र के मलेठी दलित बस्ती निवासी हरेंद्र राम बैंड पार्टी चलाकर तीन बेटों और तीन बेटियों का पालन किसी तरह झोपड़ी में रहकर करता है। बुधवार की दोपहर वह किसी काम से चट्टी पर गया था, जबकि उसकी पत्नी सितारा देवी खेत में काम करने गई थी। घर पर सिर्फ तीन बच्चे थे।
दोपहर में करीब दो बजे अचानक झोपड़ी में आग लग गई। दो बच्चे भागकर बाहर आए गए। आग की लपटें देख ग्रामीण दौड़कर मौके पर पहुंचे। जानकारी होते ही हरेंद्र और उसकी पत्नी भी वहां पहुंच गई।
इसी बीच बाहर खड़े बच्चों ने रोते हुए लोगों से बताया कि माचिस जलाते ही आग लग गई है। बाबू झोपड़ी के अंदर है और प्लाई के पीछे छिपा हुआ है। इतना सुनते ही ग्रामीण आनन-फानन में बाल्टी, डिब्बा आदि से पानी डालकर आग बुझाने में जुट गए।