स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर आउटरीच वर्कशॉप में बोलते मुख्य सचिव
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मुख्य सचिव दुर्गा एस मिश्रा ने कहा कि यूक्रेन और रुस में बीते दिनों बिगड़ी स्थिति के बाद निर्णय लिया गया कि अगर अपने यहां पर्याप्त मेडिकल कॉलेज हो जाए तो हमारे यहां के बच्चों को वहां पढ़ने जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इसके लिए हर जिले में एक-एक मेडिकल कॉलेज खोलने का निर्णय लिया। वह शुक्रवार को वाराणसी एक होटल में आर्थिक एवं कार्य विभाग द्वारा आयोजित स्टेट इंफ्रास्ट्रक्चर आउटरीच वर्कशॉप के शुभारंभ के मौके पर बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि वाराणसी धरती का सबसे पुराना शहर है, जो इस समय सबसे तेजी से बदलता हुआ शहर बन गया है। बाहर के लोगों को भी बनारस रास आ रहा है। यहां होटलों में जगह नहीं है। खान-पान की अलग पहचान है। यह प्राचीन और नवीन शहर है। उन्होंनेे पब्लिक प्राइवेट पार्टनशिप पर जोर दिया। कहा कि पीपीपी मॉडल द्वारा ही इंफ्रास्ट्रक्चर में हुए बदलाव को रेखांकित करता है।
साथ ही उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, बिहार, छत्तीसगढ़ राज्य सरकारों के 50 से अधिक आए वरिष्ठ अधिकारियों ने अपेक्षा किया कि वे वाराणसी को जानें, काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और बाबतपुर एयरपोर्र्ट देखकर जाए, ताकि समझ सके कि इंफ्रास्ट्रक्चर विकास को बढ़ानेेे में कितना महत्वपूर्ण रोल अदा कर सकता है।
सिटी कमांड कंट्रोल सेंटर में मुख्य सचिव
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मुख्य सचिव ने कहा कि उत्तर प्रदेश संभावनाओं का प्रदेश बन गया है। 800 किमी मेट्रो चल रही है। जबकि 1200 किमी मेट्रो चलाने पर काम चल रहा है। गोरखपुर इकोनामिक हब बन गया है और तेजी से विकास कर रहा है। उन्होंने प्रदेश किस तरह से संभावनाएं समेटे हुए है को विस्तार से बताया।
कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत एक करोड़ 22 लाख मकान स्वीकृत किए गए थे, जो लोगों को असाधारण जान पड़ते थे। लेकिन, 60 लाख आवास डिलीवर कर दिया दिया, जबकि 92 लाख पर काम चल रहा है। इस दौरान प्रमुख सचिव स्वास्थ्य आलोक कुमार, ज्वाइंट सेक्रेटरी आइपीपी पीयूष कुमार, प्रमुख सचिव शहरी आवास नितिन रमेश गोकर्ण, शशंका मिश्रा, मनीष सिद्धार्थ आदि मौजूद थे।
सिगरा स्टेडियम का मॉडल देखते मुख्य सचिव
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वाराणसी पहुंचे मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने निर्माणाधीन डॉ. संपूर्णानंद स्पोर्ट्स स्टेडियम की कार्य प्रगति का जायजा लिया। उन्होंने कहा बारिश के मौसम भी पाइलिंग का काम शत प्रतिशत पूरा करना काम के रफ्तार को दर्शाता है। उम्मीद है कार्य समय से पूरा होगा। पहले चरण के कार्य के पूर्ण होने के बाद जल्द ही दूसरे और तीसरे चरण का कार्य को शुरू कराने के लिए अधिकारियों से कहा। इस मौके पर मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल, जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा और स्मार्ट सिटी के महाप्रबंधक डॉ. डी वासुदेवन मौजूद रहे।
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बदलते बनारस में निर्माणाधीन परियोजनाओं की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव डॉ. दुर्गा शंकर मिश्रा ने रोपवे का काम शुरू करने की अड़चनों पर लंबी चर्चा की। उन्होंने कहा कि रोपवे के लिए भेजे गए 102 करोड़ रुपये के प्रस्ताव पर जल्द ही बजट जारी होगा। सभी विभाग अपनी तैयारी कर लें। बजट मिलते ही मूलभूत सुविधाओं के शिफ्टिंग व जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया को पूरा कराएं।
उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्ग 233 के 16 किमी के बचे हुए काम तथा वाराणसी में 10 स्थानों पर चल रहे सीएनजी स्टेशन निर्माण कार्य को शीघ्र पूरा कराने का निर्देश दिया। समीक्षा बैठक में मुख्य सचिव ने बुद्धिस्ट सर्किट के विकास कार्य को तेज करने को कहा। कहा, हाउस कनेक्शन के लिए आईटीआई से प्लंबर की ट्रेनिंग करने वाले लोग बच्चों तथा अन्य इच्छुक लोगों को इसका प्रशिक्षण दिलाने के लिए अभियान चलाएं।