बीएचयू में हुए बवाल के बाद नियुक्त की बीएचयू की पहली महिला चीफ प्रॉक्टर प्रो. रोयाना सिंह रविवार को परिसर की सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लेने साइकिल से निकलीं।
दो सहयोगियों के साथ उन्होंने महिला महाविद्यालय, मधुबन चौराहा, हैदराबाद गेट समेत समेत परिसर के प्रमुख स्थलों का भ्रमण किया। महिला छात्रावासों भी चीफ प्रॉक्टर पहुंची और और छात्राओं से बातचीत कर उनकी समस्याओं के बारे में जानकारी ली।
विश्वविद्यालय चीफ प्रॉक्टर बनने के बाद से प्रो. रोयाना सिंह सुरक्षा व्यवस्था पुख्ता बनाने के प्रयास में जुट गई हैं। उन्होंने छात्राओं संग बैठक कर उनकी समस्याएं सुनने का फैसला लिया है।
शाम को छह बजे साइकिल से निकलकर वह छात्रावासों में पहुंचीं और वहां छात्राओं से बातचीत की। उन्होंने बताया कि सीसीटीवी कैमरे लगाए जाने का काम भी अंतिम चरण में है।
तीन अक्तूबर से महिला सुरक्षा गार्डों की तैनाती छात्रावासों में कर दी जाएगी। प्रतिदिन शाम को वह पेट्रोलिंग साइकिल से परिसर का जायजा लेंगी। दुर्गा पूजा, दशहरा और गांधी जयंती की छुट्टियों के बाद तीन अक्तूबर से विभाग खुलेंगे।
माना जा रहा है कि इस दिन छात्र-छात्राएं फिर से अपने गुस्से का इजहार कर सकते हैं। कुछ छात्र संगठनों की ओर से भी विरोध प्रदर्शन की आशंका भी जताई जा रही है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन सर्तक हो गया है।
छात्रावासों पर विशेष नजर रखी जाएगी। विश्वविद्यालय प्रशासन सुरक्षा के मद्देनजर जिला और पुलिस प्रशासन का सहयोग ले सकता है। छात्रा के साथ छेड़खानी को लेकर हुए बवाल के बाद अब महिला छात्रावासों में हर दिन हाजिरी का फैसला लिया गया है।
चीफ प्राक्टर ने बताया कि शाम सात बजे तक छात्रावासों में हाजिरी लेने के बाद रिपोर्ट चीफ प्राक्टर कार्यालय को उसकी रिपोर्ट भेजी जाएगी।