प्रदेश के नए मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ का वाराणसी से बड़ा खास रिश्ता है। उनके गुरु महंत अवैद्नाथ के समय से यह रिश्ता बना हुआ है। वाराणसी के मैदागीन स्थित गोरखनाथ मंदिर से महंत आदित्यनाथ का खास जुड़ाव है। यह मंदिर गोरक्षपीठ से जुड़ा हुआ है।
महंत आदित्यनाथ जब भी वाराणसी आते हैं तो इस मंदिर में जरूर आते हैं। महंत आदित्यनाथ के प्रदेश के मुख्यमंत्री बनने पर मंदिर में भी हर्ष का माहौल है। पीठ के साधु-संतों ने मिठाई बांटकर खुशियां मनाई थी। मंदिर के प्रबंधक योगी राजनाथ ने बताया कि वह यहां गत वर्ष नवम्बर में आए थे।
बाबा का दर्शन-पूजन किया था। उनके गुरु महंत अवैद्यनाथ भी यहां कई बार आए थे। उन्होंने बताया कि आदित्यनाथ कहते हैं कि संतो के त्याग से ही अच्छे और बेहतर समाज का विकास होता है। इसलिए उन्हें हर परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना पड़ता है।
मंदिर प्रबंधक ने कहा कि देश व प्रदेश के विकास व शासन को चलाने के लिए प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री एवं जिलाधिकारी को हमेशा चुस्त रहना होता है। इस मंदिर के अलावा काशी के तमाम संत समाज में महंत आदित्यनाथ को मुख्यमंत्री बनने पर हर्ष है।