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Cyber Crime: अरेस्ट वारंट रुकवाने का झांसा देकर साढ़े सात लाख की ठगी, शातिरों ने ऐसे मंगवाई रकम

Mon, 26 Feb 2024 03:09 PM IST
अमन विश्वकर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

Cyber Crime: सुप्रीम कोर्ट के रिकवरी अकाउंट के नाम पर शातिरों ने जवाहर नगर एक्सटेंशन निवासी योगेंद्र वाजपेयी से साढ़े सात लाख रुपये ऐंठ लिए। पुलिस मुकदमा दर्ज कर पड़ताल कर रही है।
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अरेस्ट वारंट रुकवाने का झांसा देकर वाराणसी के जवाहर नगर एक्सटेंशन निवासी योगेंद्र वाजपेयी से जालसाजों ने एक बैंक खाते को सुप्रीम कोर्ट का रिकवरी अकाउंट बताते हुए साढ़े सात लाख रुपये जमा करा लिया। योगेंद्र की शिकायत के आधार पर साइबर क्राइम पुलिस थाने में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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योगेंद्र वाजपेयी ने पुलिस को बताया कि उनके पास गत 19 फरवरी को एक फोन आया था। फोन करने वाले ने कहा कि वह टेलीकॉम डिपार्टमेंट से वरुण कुमार बोल रहा है। उसने कहा कि आपके मोबाइल से जो आधार कार्ड कनेक्ट है उसे ब्लाक कर दिया जाएगा। कारण कि, आपके खिलाफ मुंबई में मुकदमा दर्ज है। फिर, वरुण ने कहा कि यदि आप चाहें तो आपकी बात मुंबई के संबंधित थाने से करा सकते हैं। 

योगेंद्र वाजपेयी ने कहा कि उनके हां कहने पर वरुण ने विनोद और आकश कुलहरी से बात कराई। उन दोनों लोगों ने गिरफ्तारी की धमकी दी। फिर कहा कि यदि अरेस्ट वारंट रुकवाना हो तो सुप्रीम कोर्ट के रिकवरी अकाउंट में तत्काल साढ़े सात लाख रुपये जमा कर दो। योगेंद्र वाजपेयी ने दोनों के झांसे में आकर साढ़े सात लाख रुपये तत्काल ट्रांसफर कर दिया। इसके बाद भी दोनों योंगेद्र से बात करते रहे, तब जाकर उन्हें शक हुआ कि उनके साथ साइबर फ्रॉड हुआ है।
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