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अमर उजाला पड़ताल----स्वास्थ्य केंद्र

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सेवापुरी। जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य केंद्रों की हालत बद से बदतर होती जा रही है। इस ओर किसी का ध्यान नहीं है। कहीं गंदगी का अंबार है तो कहीं डॉक्टर की कमी तो कहीं बेड का संकट बना है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हाथी बाजार की बात करें तो कागज में तो 30 बेड है, लेकिन हकीकत में 15 बेड दिखते हैं। हाल यह है कि डॉक्टरों के चार पद एक साल से खाली हैं। इस वजह से ग्रामीणों को इलाज के लिए परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। परिसर में हर तरफ गंदगी फैली हुई है। केवल डॉक्टर ही नहीं बल्कि चौकीदार और सफाई कर्मी के पद भी खाली हैं। वहीं, जो डॉक्टर यहां सेवा दे रहे हैं वह भी समय से नहीं आते हैं।
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नहीं हो पा रहा है ऑपरेशन
ऑपरेशन की भी सभी सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक कोई ऑपरेशन नहीं हो सका है। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. हंसराज ने बताया कि 30 बेड की सीएचसी पर 15 बेड ही मौजूद हैं। ऑपरेशन के लिए सभी सुविधाएं हैं, लेकिन एनएसथीसिया के विशेषज्ञ नहीं होने से आज तक कोई ऑपरेशन नहीं हो पाया है।
स्वास्थ्य केंद्र पर कोरोना काल में सेवाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। विशेषकर नेत्र रोग के लिए डॉक्टर न होने से परेशानी होती है।
- देवेंद्र कुमार पटेल
कागज पर 30 बेड हैं, हकीकत में 15 बेड हैं। डॉक्टर तो कम हैं ही जो सेवारत है वो भी समय से नहीं आते हैं। परिसर में गंदगी भी अधिक रहती हैै।
-संजीव नारायण पाठक
बच्चों के इलाज का भी संकट
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर बच्चों के इलाज का भी संकट है। यहां कोई बाल रोग विशेषज्ञ नहीं है। इसके अलावा एनएसथीसिया, जनरल मेडिसिन, रेडियोलॉजिस्ट का पद भी खाली है।
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