अमिताभ ठाकुर मामले में कोर्ट ने चौक पुलिस को फटकार लगाई। अदालत ने मामले की प्रगति रिपोर्ट जल्द दाखिल करने का निर्देश दिया। वहीं सुनवाई की अगली तारीख एक अगस्त को तय की गई।
पूर्व आईपीएस अधिकारी और आजाद अधिकार सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमिताभ ठाकुर की ओर से दाखिल प्रगति रिपोर्ट की अर्जी पर पुलिस की आख्या न मिलने पर विशेष मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने शुक्रवार को सख्त रुख अपनाया। अदालत ने चौक पुलिस को मामले की प्रगति रिपोर्ट जल्द दाखिल करने का निर्देश दिया। साथ ही मामले में सुनवाई की अगली तिथि एक अगस्त तय कर दी।
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अमिताभ ठाकुर के अधिवक्ता ने अदालत में प्रार्थना पत्र देकर कहा था कि चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज होने और गिरफ्तारी के करीब आठ माह बाद भी जांच नहीं पूरी की गई। आरोप पत्र भी अदालत में नहीं दाखिल किया गया।
अधिवक्ता ने मामले में अब तक हुई समस्त कार्रवाई की प्रगति रिपोर्ट तलब करने की अर्जी भी लगाई थी। दरअसल, बड़ी पियरी निवासी हिंदू युवा वाहिनी नेता और वीडीए के मानद सदस्य अंबरीष सिंह भोला की तहरीर पर नौ दिसंबर को चौक थाने में प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
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आरोप था कि अमिताभ ठाकुर ने 30 नवंबर को सोशल मीडिया पर एक वीडियो पोस्ट कर उनके खिलाफ आपराधिक मामलों में संलिप्तता और बहुचर्चित कफ सिरप मामले में बिना साक्ष्य आरोप लगाए थे। पुलिस ने मामले में अमिताभ ठाकुर, उनकी पत्नी डॉ. नूतन ठाकुर और एक अन्य को आरोपी बनाया था।