चंदौली जिले के लक्ष्मनपुर गांव में रास्ते के विवाद में रविवार को दोपहर के समय दो पक्षों में विवाद के दौरान गोलियां चलने से डेढ़ साल के मासूम समेत दो लोगों की मौत हो गई और छह घायल हो गए। घायलों को जिला चिकित्सालय से वाराणसी रेफर कर दिया। सूचना पर डीएम, एसपी समेत कई थानों की पुलिस पहुंच गई।
पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर तीन लोगों पर केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। असलहा भी जब्त कर लिया गया। मामले में लापरवाही बरतने पर थानाध्यक्ष कंदवा अरुण दुबे को निलंबित कर दिया गया। लक्ष्मनपुर गांव में गली से सटा कुमुद बिहारी सिंह का घर है।
कुमुद बिहारी सिंह का पुत्र ज्ञान सिंह रविवार को दिन में दो बजे सीमेंटेड पिलर बनवाकर गली को अवरुद्ध कर रहा था। सूचना पर ग्राम प्रधान संजय सिंह ग्रामीणों के साथ पहुंचे और इसका विरोध किया। इसे लेकर संजय सिंह और ज्ञान सिंह में विवाद बढ़ गया।
इसी बीच ज्ञान सिंह पिता की दोनाली लाइसेंसी बंदूक ले आया और फायरिंग कर दी। इसमें प्रधान के परिवार के शिवानी सिंह (16), स्वाति सिंह (11), शशिकला (32), रोहित सिंह (22), अभय (10), कृष्ण सिंह (12), डेढ़ साल का अंशुमान सिंह उर्फ समर्थ तथा अंगनू सिंह (50) घायल हो गए।
ग्रामीण घायलों को लेकर जिला चिकित्सालय पहुंचे। चिकित्सकों ने अंशुमान और और अंगनू सिंह को मृत घोषित कर दिया। घायलों की हालत गंभीर देख वाराणसी रेफर कर दिया गया। वहां उनका निजी चिकित्सालय में इलाज चल रहा है।
तनाव को लेकर गांव में फोर्स की तैनात
ग्रामीणों से बात करते पुलिस अधिकारी
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सूचना पर डीएम हेमंत कुमार, एसपी संतोष कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक देवेंद्र नाथ, क्षेत्राधिकारी सकलडीहा त्रिपुरारी पांडेय, क्षेत्राधिकारी सदर प्रदीप चंदेल छह थानों की फोर्स के साथ पहुंच गए। मामले में थानाध्यक्ष कंदवा की लापरवाही सामने आने पर एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया।
पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर केस दर्ज कर कुमुद बिहारी सिंह (80), ज्ञान सिंह (55) और गुड्डू सिंह (35) को गिरफ्तार कर असलहा जब्त कर लिया। गांव में तनाव की स्थिति को देखते हुए पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है।
पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार सिंह का कहना है कि मामले में प्रथम दृष्टया थानाध्यक्ष कंदवा की लापरवाही नजर आने पर उन्हें निलंबित कर दिया गया। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर असलहा जब्त कर लिया गया है। गांव में फोर्स की तैनाती कर दी गई है।