पिता जी आप चिंता न करो, मैं 15 फरवरी को आ रहा हूं। शनिवार की शाम छह बजे पिता को आश्वासन देने वाला यह जवान सदा के लिए दूर हो गया। पाकिस्तानी गोलीबारी में देश की रक्षा करता हए चंदौली का जवान शहीद हो गया।
नबलुआ थाना के नदेसर मारुफपुर निवासी सिग्नल मैन चंदन राय रात दस बजे जम्मू कश्मीर के मेंढर सेक्टर में सीमा पर शहीद हो गए। जिस समय उसे गोली लगी वह अपने कैंप में था। अस्पताल पहुंचने से पहले उसने दम तोड़ दिया।
बेटे के आने की खुशियों में मस्त परिवार वालों को जैसे ही जवान के शहीद होने की खबर मिली परिवार वालों पर मानों पहाड़ टूट पड़ा। यह खबर फैलते ही गांव का माहौल गमगीन हो गया। सुबह होने पर शहीद के घर पर सांत्वना देने वालों का तांता लगा रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों ने भी परिवार को ढांढस बंधाया। जिले के मारुफपुर नदेसर गांव निवासी सत्यप्रकाश राय के दूसरे नंबर के पुत्र चंदन राय 2011 में सेना में भर्ती हुआ था। वह वर्तमान में 37 आरआर रेजिमेंट में सिग्नल मैन पद पर तैनात थे।
शहीद चंदन का पार्थिव शरीर रात 9.30 बजे विशेष विमान से वाराणसी के बाबतपुर हवाई अड्डे पहुंच गया। यहां वाराणसी के प्रभारी जिलाधिकारी, सीआईएसएफ के डिप्टी कमांडेट सुब्रत झा, 39 जीटीसी के जवानों तथा विधायक डॉ. अवधेश सिंह की ओर से उनके प्रतिनिधि ने श्रद्धांजलि अर्पित की। चंदौली के डीएम के अनुसार शहीद का पार्थिव शरीर सोमवार को गांव लाया जाएगा।
तीन माह बाद होने वाली थी शादी
चंदन राय के रोते बिलखते परिवार के लोग
- फोटो : अमर उजाला
चंदन की इसी वर्ष 28 फरवरी को तिलकोत्सव था और 18 अप्रैल को शादी तय थी। इसी वजह से 15 फरवरी को घर आने वाला था। शनिवार की देर शाम उसने घर वालों से बातचीत की और शादी के तैयारियों के संबंध में बात की थी। इसके बाद परिवार के लोग काफी प्रसन्न थे।
रात दस बजे चंदन के पिता खाना खा रहे थे और भाई मोहित पढ़ाई कर रहा था। इसी बीच चंदन के साथी पवन का फोन आया। फोन उठाते ही उधर से बताया गया कि चंदन शहीद हो गया। यह सुनते ही पिता सत्यप्रकाश तो अचेत हो गए, माता लीलावती ने भी होश गवां दिए।
भाई मोहित और बहन हेमलता का भी रो रोकर हाल बेहाल हो गया। यह खबर ग्रामीणों को हुई तो सभी सन्न रह गए। चंदन के घर ग्रामीण पहुंचने लगे। रविवार को भी दिन भर माता पिता बेटे की तस्वीर हाथों में लेकर निहारते रहे।
एसडीएम सकलडीहा सहित अन्य अधिकारी शहीद के घर पहुंचे। सांत्वना देने के लिए दिन भर लोगों का तांता लगा रहा। पूरे गांव में गम के साथ-साथ गर्व का भी माहौल रहा। डीएम हेमंत कुमार ने बताया कि शहीद जवान का शव सोमवार को गांव में पहुंचेगा।
देश सेवा के साथ परिवार की पूरी जिम्मेदारी उठाता था चंदन
घर में पसरा मातम
- फोटो : अमर उजाला
मेंढर सेक्टर में शहीद चंदन न सिर्फ देश सेवा में जी जान से जुटा था बल्कि परिवार की जिम्मेदारियां भी खूब उठाता था। उसने शुरुआती शओक्षा नंदेश्वर बाल विद्या मंदिर मझिलेपुर मारुफपुर चंदौली में ग्रहण की।
हाई स्कूल की शिक्षा टाउन नेशनल इंटर कालेज सैदपुर गाजीपुर से, 12वीं और स्नातक की शिक्षा जटाधारी इंटर कालेज और स्नातकोत्तर महाविद्यालय मारुफपुर से हासिल की। वर्ष 2011 में जबलपुर में आयोजित सेना भर्ती रैली में चंदन का चयन थल सेना में हुआ।
बड़ी बहन पूजा शादी में भी उसने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। यही नहीं छोटी बहन हेमा की शादी के लिए प्रयासरत था जबकि बीएससी कर रहे छोटे भाई मोहित राय (19) की पढ़ाई पर भी पूरा ध्यान रखता था।
चंदन बचपन से ही पढ़ाई लिखाई के साथ खेल कूद में अव्वल था। बचपन से ही उसने सेना में जाने की ठान ली थी। यही कारण है कि दूसरे प्रयास में ही जबलपुर में सेना में भर्ती होने में सफल रहा। वहीं वर्ष 2015 में सेना की ओर से गोवा में आयोजित राष्ट्रीय दौड़ प्रतियोगिता में चंदन ने स्वर्ण पदक जीता था।