क्षेत्र के सरेहुआ कला गांव निवासी एक युवक ने सोमवार की रात कमरे में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक मुंबई में निजी कंपनी में काम करता था। दस दिन पहले वह नौकरी छोड़कर गांव आया था और पांच महीने के बेटे के साथ पत्नी को मायके भेज दिया था। इस घटना से परिजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
सरेहुआ कला गांव निवासी हृदय नारायण पांडेय के पुत्र सतीश, अमित और राहुल (22) मुंबई में निजी कंपनी में नौकरी करते थे। दस दिन पहले राहुल नौकरी छोड़कर पत्नी के साथ अपने गांव सरेहुआ कला आ गया था। इसके बाद उसने बच्चे और पत्नी को उसके मायके पहुंचा दिया। परिजनों ने बताया कि राहुल सोमवार रात को खाना खाकर कमरे में सोने चला गया। काफी देर परिजनों ने खिड़की से देखा तो वह फंदे पर लटका था। थानाध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने बताया कि युवक ने फंदे से लटककर आत्महत्या की है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।
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डेढ़ साल में उजड़ गया सुहाग, बच्चे के सिर से उठा पिता का साया
राहुल की शादी डेढ़ साल पहले बिहार के कुदरा निवासी राजगोविंद पांडेय की पुत्री प्रियंका से हुई थी। उनका पांच माह का बेटा है। इस घटना से डेढ़ साल में ही प्रियंका का सुहाग उजड़ गया तो पांच महीने के बच्चे के सिर से पिता का साया उठ गया। घटना के बाद पत्नी के अलावा मां मीरा पांडेय और पिता हृदय नारायण पांडेय का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।