यूपी में खतरनाक ऑनलाइन गेम 'ब्लू व्हेल' का एक और मामला सामने आया है। चंदौली जिले का 23 वर्षीय युवक इस गेम में फंस गया है। वह छत से कूदने की तैयारी में था कि परिवार ने देख लिया।
मुगलसराय कोतवाली के सूजाबाद का युवक कुछ दिन पहले रात के तीन बजे युवक अपने घर में छत की मुंडेर पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, तब लोगों ने उसे देखा और उतारा तो मामले का पता चला। युवक के हाथ पर व्हेल का चित्र देखकर परिवार वाले चिंतित हैं। उसका स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है।
युवक के पिता वाराणसी के विशेश्वरगंज में कपड़े के व्यवसायी हैं। युवक स्नातक की पढ़ाई करने के साथ काशी गोमती संयुत ग्रामीण बैंक में संविदा पर काम करता है। पिता के अनुसार, बेटा पांच सितंबर को दोस्तों के साथ पार्टी में गया था। वहां ब्लू व्हेल गेम की चर्चा सुनी।
इसके बाद घर लौटा तो उसने मोबाइल पर ब्लू व्हेल गेम डाउन लोड कर लिया। पांच दिन पूर्व बेटा तीन बजे भोर में छत की मुंडेर पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। कुछ लोगों ने देखा तो चोर समझ कर शोर मचाया। इसके बाद उसे वहां से उतार कर पूछा गया तो उसने बताया कि वह ब्लू व्हेल गेेम का टास्क पूरा कर रहा था।
पिता ने बताया इसके बाद फौरन उसके मोबाइल से गेम समाप्त करने के साथ ही फोन को फार्मेट कर दिया। लेकिन उसके बाद भी मोबाइल चालू करते ही ब्लू व्हेल गेम भी अपने अपलोड होने लगा। दो-तीन दिन पहले बेटे के बाएं हाथ में ब्लू मछली की आकृति दिखी तो उन्होंने पुत्र को अस्पताल में दिखाया।
वहां उसका इलाज चल रहा है। कंप्यूटर साइंस विभाग बीएचयू के प्रो.वीके सिंह ने कहा कि ब्लू व्हेल गेम एक मोबाइल अप्लीकेशन है, यह एक बार डाउनलोड करने के बाद फार्मेट नहीं होता है।
गेम की डिजाइन इतनी आकर्षक है कि एक बार उसे देखकर किसी का भी मन उसे डाउनलोड करने का हो सकता है। बेहतर यही होगा कि जिस अप्लीकेशन के बारे में विस्तृत जानकारी न हो, उसे डाउनलोड न किया जाए।