वहीं बैंकों के बंद होने से नकद जमा और निकासी काउंटर सेवाओं के साथ, चेक जमा और भुगतान, ड्राफ्ट, बैंकर्स चेक आदि जारी करने का काम प्रभावित हुआ। इसी तरह खाता खोलने और केवाईसी से जुड़े काम रुके रहे। हालांकि यूपीआई, एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग और मोबाइल बैंकिंग जैसी डिजिटल सेवाएं आमतौर पर चालू रहती हैं, लेकिन हड़ताल के दौरान तकनीकी या बैंक-स्तरीय कारणों से कुछ लेनदेन प्रभावित हो सकते हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन वाराणसी अंचल के उपमहामंत्री मनोज सिंह ने बताया कि हड़ताल के कारण 200 करोड़ रुपये का लेन देन प्रभावित हुआ है। इस संंबंध में अग्रणि जिला प्रबंधक सुनील कुमार भगत ने कहा कि हड़ताल से बैंकों का काम प्रभावित हुआ है। हालांकि कितने का कारोबार प्रभावित हुआ , इसका आंकलन उनके पास नहीं है।
एसबीआई शाखा के सामने बैंक कर्मियों ने किया प्रदर्शन
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया स्टाफ एसोसिएशन वाराणसी अंचल के उपमहामंत्री मनोज सिंह के निर्देशन में पं. दीनदयाल उपाध्याय नगर रेलवे स्टेशन स्थित एसबीआई शाखा के सामने हड़ताल का संचालन क्षेत्रीय सचिव पंकज राय और अन्य पदाधिकारियों के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इसमें विभिन्न बैंकों के कर्मचारी और अधिकारी शामिल हुए।
क्षेत्रीय सचिव पंकज राय ने कहा कि बैंक कर्मचारी लंबे समय से पांच दिवसीय बैंकिंग व्यवस्था लागू करने, पीएलआई में भेदभाव समाप्त करने और पेंशन संबंधी समस्याओं के समाधान की मांग कर रहे हैं। सीमित स्टाफ के बावजूद कर्मचारी बढ़ते बैंकिंग कारोबार, ग्राहक सेवा, डिजिटल बैंकिंग, अनुपालन, ऑडिट और प्रशासनिक दायित्वों का निर्वहन कर रहे हैं। इसके बावजूद उनकी न्यायोचित मांगों की अनदेखी की जा रही है।
उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी टकराव के लिए नहीं, बल्कि जायज मांगों के सम्मानजनक समाधान के लिए है। यदि सरकार ने मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो 28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय हड़ताल की जाएगी। प्रदर्शन में दिनेश कुमार यादव, बलराम यादव, नूर मोहम्मद, उमेश राय, अंकिता जोशी, अनिशा रंजन, मनमोहन सिंह, सर्वजीत मिश्रा, रमेश यादव आदि शामिल रहे।