सकलडीहा (चंदौली)। जालसाजों ने दो साल पूर्व मृत व्यक्ति के नाम पर दूसरे व्यक्ति को दिखाकर वाराणसी के एक पुलिसकर्मी की पत्नी के नाम आठ लाख 35 हजार रुपये में 16 बिस्वा जमीन रजिस्ट्री करा दी। दाखिल खारिज नहीं होने पर पुलिसकर्मी ने सकलडीहा कोतवाली में छह नामजद और दो अज्ञात पर मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार की देर शाम कोतवाली पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
वाराणसी के पुलिस लाइन में तैनात आरक्षी हीरालाल ने जलालपुर में 8.35 लाख रुपये में 16 बिस्वे जमीन खरीदने की बात तय की थी। पुलिसकर्मी ने जमीन दिलाने वाले अमावल गांव निवासी सतीश को छह अप्रैल और 23 अप्रैल 2018 को दो किस्तों में सात लाख रुपये दे दिए। 11 मई 2018 को एक लाख 35 हजार मुराहू नामक व्यक्ति को दिया।
इसके बाद 14 मई 2018 को जमीन मालिक मृतक रामकिशुन के भाइयों रामशीरिश, हरिशंकर व विशुनराम ने रजिस्ट्री कार्यालय में किसी और को रामकिशुन बनाकर पुलिस कर्मी की पत्नी विद्या के नाम से रजिस्ट्री करा दी। काफी दिनों तक दाखिल खारिज नहीं होने पर जब पुलिसकर्मी बिचौलियों से पैसा वापस मांगने लगा तो सभी ने देने से इंकार कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। इस बीच उसी गांव के सरजन राम ने दाखिल खारिज कराने के नाम पर पुलिसकर्मी से 15 हजार ले लिए। दाखिल खारिज न होने पर पुलिस कर्मी ने कोतवाली में छह नामजद और दो अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया। बृहस्पतिवार को कोतवाली पुलिस ने मुराहु राम, संजय कुमार, रामशीरिश और हरिशंकर को पकड़कर जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में जेल भेज दिया। सरजन राम हाईकोर्ट से स्टेट लाने के कारण बचा हुआ जबकि विशुनराम की मौत हो चुकी है। कोतवाल सत्येंद्र यादव ने बताया जालसाजी के मामले में चार लोगों को जेल भेज दिया गया है। जबकि एक आरोपी की मौत हो चुकी है। एक आरोपी कोर्ट से स्टे ले रखा है और दो अज्ञात हैं। कोर्ट के आदेश पर उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।