कल से 9 दिनों तक महादेव की काशी पर नव दुर्गा मां जगदंबे का प्रताप होगा। 30 मार्च से चैत्र नवरात्र शुक्ल प्रतिपदा का शुभारंभ होगा। पहले दिन नव दुर्गा के प्रथम स्वरूप मां शैलपुत्री के दर्शन-पूजन का विधान है। वरुणा नदी किनारे अलईपुर में माता शैलपुत्री के मंदिर में भारी भीड़ होगी। इसी के साथ वसंत और नए वर्ष की शुरुआत हो जाएगी। 6 अप्रैल को राम नवमी होगी। इस बार चैत्र नवरात्र पर सूर्योदय से लेकर दोपहर 2 बजे तक घरों में कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त है। यानी कि आठ घंटे का समय मिलेगा।
भूलकर भी न करें ये काम
ज्योतिषाचार्यों की सलाह है कि व्रत धारण और पारण के बीच में किसी दूसरे के घर पर भोजन न करें। वहीं न्यूनतम 500 रुपये में भी आप कलश स्थापना करा सकते हैं। कलश रखने वाले संभव हो तो पूरे नवरात्र भर हर दिन 3 से 10 वर्ष के बीच की एक-एक कन्या को भोजन करा दें। वहीं 6 अप्रैल को राम नवमी पर हवन करने के बाद एक साथ 9 कन्या को भोजन कराएं।