Varanasi News: इस पूजा-पाठ को महिलाएं अपने संतान के दीर्घायु एवं समृद्धि के लिए करतीं हैं। साथ ही चैत्र छठ के इस पूजन से परिवार में भी खुशहाली बनी रहती है।
चैत्र नवरात्रि में नहाय खाय के साथ चैत्र छठ के अनुष्ठान शुरू होंगे। संतान की लंबी आयु के लिए महिलाएं भगवान सूर्य की आराधना करती हैं। चैत्र में भी छठी माता और सूर्य देव की पूजा का विधान है। चैत्र छठ पर्व की शुरुआत 12 अप्रैल को नहाय खाय के साथ होगी और 15 अप्रैल को सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा।
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पंचांग के अनुसार 12 अप्रैल को नहाय खाय के बाद 13 अप्रैल को खरना होगा। संध्या का अर्घ्य चैती छठ के तीसरे दिन 14 अप्रैल को और उगते सूर्य को अर्घ्य अंतिम दिन 15 अप्रैल को होगा। माना जाता है कि छठ पूजा करने से परिवार का कल्याण होता है और साथ ही ये व्रत संतान की लंबी आयु और सुख-समृद्धि के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण है।