सेंट्रल बार के चुनाव में मतदान करते अधिवक्ता
- फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में सेंट्रल बार एसोसिएशन के 18 पदों के लिए चुनाव मैदान में उतरे 68 प्रत्याशियों की किस्मत मंगलवार को मतपेटिका में कैद हो गई। कचहरी परिसर में कड़ी सुरक्षा और गहमागहमी के बीच कुल 62.53 प्रतिशत मतदान हुआ। 6860 मतदाताओं में 4290 ने वोट डाले।
मतदान के बाद पुलिस की सुरक्षा के बीच मतपेटिकाओं को सेंट्रल बार सभागार में रखवाया गया। गुरुवार सुबह आठ बजे से मतगणना शुरू होगी और देर रात परिणाम आएगा। सेंट्रल बार के भूतल और प्रथम तल पर सुबह 10 बजे मतदान शुरू हुआ।
मतदाताओं को सिविल कोर्ट परिसर से मतदान स्थल तक वोट देने की अपील करते प्रत्याशियों और उनके समर्थकों के बीच से जूझ कर जाना पड़ा। हैंडबिल वितरण पर रोक के बावजूद इसका इस्तेमाल किया गया।
शाम चार बजे मतदान समाप्त होने के बाद प्रत्याशी और उनके समर्थक जीत-हार के आकलन में जुट गए। अध्यक्ष पद पर प्रभुनाथ पांडेय समेत चार प्रत्याशियों के बीच कड़ा मुकाबला दिखा। वहीं, महामंत्री पद पर पिछले चुनाव में एक मत से हारे संजय सिंह दाढ़ी और बृजेश मिश्र में कांटे का संघर्ष दिखा।
बनारस बार के लिए आज होगा मतदान
बनारस बार के चुनाव के लिए मतगणना स्थल पर की जा रही तैयारी
- फोटो : अमर उजाला
बनारस बार एसोसिएशन के चुनाव के लिए बुधवार को सिविल कोर्ट परिसर स्थित मनोरंजन कक्ष में मतदान होगा। मंगलवार को देर शाम तक मतदान की तैयारियां चलती रहीं। 23 पदों के लिए कुल 59 प्रत्याशी मैदान में हैं। 4967 अधिवक्ता इनके भाग्य का फैसला करेंगे।
एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष क्षत्रधारी सिंह के मुताबिक मतदान के लिए 60 बूथ बनाए गए हैं और 15 मतपत्र टेबुल लगाई गई हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 1976 के पहले के मतदाता अपना प्रमाणपत्र लाएंगे जबकि उसके बाद वाले आईकार्ड से वोट डाल सकेंगे।
कड़ी सुरक्षा में सुबह 10 से 4 बजे तक मतदान होगा और गुरुवार को मतगणना होगी। चुनाव संपन्न कराने के लिए एल्डर्स कमेटी में अमरनाथ शर्मा, सुरेश कुमार श्रीवास्तव, प्रमोद कुमार पाठक के अलावा अब्दुल कलाम व सत्यनारायण द्विवेदी को पर्यवेक्षक और प्रदीप श्रीवास्तव व अंशुमान दुबे को सहयोगी बनाया गया है।
उधर, मंगलवार को दिन भर वहीं, कचहरी परिसर में प्रत्याशी अपने समर्थकों के साथ प्रचार में डटे रहे। मतदाताओं को लुभाने के लिए देर शाम तक कई स्थान पर पार्टियों का दौर भी चला। चर्चाओं के अनुसार अध्यक्ष और महामंत्री पद पर चतुष्कोणीय संघर्ष के आसार हैं।