काशी के केदारखंड में श्रीश्री विजय कृष्ण मठ में शनिवार को झूलन पूर्णिमा मनाई जाएगी। इससे पहले शुक्रवार को हिंडोल चतुर्दशी मनाई गई। यह देश का इकलौता मठ है जहां गुरु और शिष्य की जयंती का उत्सव एक दिन के अंतराल पर मनाया जाएगा। जन्मोत्सव पर वर्ष में एक दिन संत विजय कृष्ण महाराज को भगवान जगन्नाथ के अंगवस्त्र से बनाई हुई पगड़ी धारण कराई जाती है।
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हरिश्चंद्र घाट चौराहे के बगल में श्रीश्री विजय कृष्ण मठ में झूलन पूर्णिमा और हिंडोल चतुर्दशी का छह दिवसीय उत्सव शुरू हो चुका है। मठ प्रबंधन समिति के मधुसूदन बंदोपाध्याय ने बताया कि विजय कृष्ण गोस्वामी का 185वां प्राकट्योत्सव नौ अगस्त को मनाया जाएगा। उनके शिष्य स्वामी किरणचंद दरवेश महाराज का 148वां जन्मोत्सव आठ अगस्त को मनाया गया।
छह दिवसीय उत्सव के तहत संत विजय कृष्ण गोस्वामी को पुरी स्थित भगवान जगन्नाथ मंदिर से प्राप्त भगवान के अंगवस्त्रम से बनी हुई पगड़ी धारण कराई जाएगी। वर्ष में देशभर के श्रद्धालुओं को महज दो दिन का अवसर मिलता है जब वह अपने गुरु की प्रतिमा का स्पर्श दर्शन कर पाते हैं।
शुक्रवार को अखंड श्री नाम कीर्तन शुरू होगा और दरवेश महाराज का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। उनकी समाधि पर पूजन होगा। नौ अगस्त को सद्गुरु विजय कृष्ण गोस्वामी के जन्मोत्सव की शुरुआत शहनाई वादन से होगी। पुरी से आए भगवान के अंगवस्त्र से बनी पगड़ी धारण कराई जाएगी। 10 अगस्त को बैठक और ब्राह्मणों की विदाई के साथ उत्सव का समापन हो जाएगा।