बसपा के राज्यसभा सांसद राजाराम हैं। तीनों के द्वारा अभी तक किसी गांव को गोद नहीं लिया गया है। गोद लेना तो दूर अभी तक इन्होंने यह भी नहीं तय किया है कि वह किस गांव को गोद लेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन की ओर से तीनों सांसदों को पत्र भेजा गया है। जिसमें उनसे कहा गया है कि वह गांव का चयन कर सूचित करने करें ताकि गांव में विकास के कार्य कराए जा सकें।
सांसद आदर्श गांव के लिए अलग से नहीं मिलता धन :
प्रधानमंत्री ने सांसदों को गांव गोद लेकर उनका विकास करने का निर्देश जारी कर दिया लेकिन इसके लिए अलग से फंड की कोई व्यवस्था नहीं की गई। इसलिए जब भी किसी गांव को सांसद द्वारा गोद लिया जाता है तो विभिन्न विभागों में संचालित योजनाओं को उस गांव में पहुंचाया जाता है। इन गांवों को गोद लेने वाले सांसद भी अपनी निधि से विकास के कार्य संपादित करा सकते हैं।
सीडीओ आनंद कुमार शुक्ला ने बताया कि जनपद के तीनों सांसदों में से अभी तक किसी ने गांव को गोद नहीं लिया है। इसके लिए जिलाधिकारी के माध्यम से उन्हें पत्र भेजा गया है कि वह गांव का चयन कर हमें सूचित करें ताकि उस गांव में विकास के कार्य संपादित किए जा सकें।