लंबे समय से चली आ रही सीबीएसई की मान्यता के नियमों में बदलाव की तैयारी चल रही है। इसको लेकर सीबीएसई की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी गई है। इसके अलावा नवीनीकरण की प्रक्रिया भी आफलाइन कराई जाएगी। सीबीएसई की ओर से जल्द ही इसकी घोषणा कर दी जाएगी। ओम विलास रिजार्ट स्थित सीबीएसई स्कूल मैनेजर्स एसोसिएशन के दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन के अंतिम दिन सीबीएसई के सचिव अनुराग त्रिपाठी ने तैयारियों के बारे में बताया।
पूर्वांचल स्कूल एसोसिएशन और मैनेजर्स एसोसिएशन के तत्वावधान में चले अधिवेशन में स्कूलों का संचालन, नई शिक्षा नीति के लागू करने, बच्चों की पढ़ाई, सुविधाओं आदि पर चर्चा की गई। शनिवार को अनुराग त्रिपाठी ने अधिवेशन का औपचारिक उद्घाटन करने के बाद स्कूलों में पठन-पाठन सुचारु करने और अन्य व्यवस्था के बारे में बताया। उन्होंने सीबीएसई की मान्यता के नियमों में बदलाव के संकेत देते हुए कहा कि कई तरह के बदलाव किए जा रहे हैं, जिसकी घोषणा जल्द हो जाएगी। कहा कि नयी शिक्षा नीति-2020 छात्रों के भविष्य व क्षमता को बढ़ाने वाली होगी। इससे बच्चों की आन्तरिक गुणवत्ता का विकास होगा व छात्र इससे स्वरोजगार तथा आत्मनिर्भरता की ओर भी बढ़ सकेंगे।
इस दौरान क्षेत्रीय अधिकारी श्वेता अरोड़ा, मैनेजर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष श्याम पचौरी, प्रदेश उपाध्यक्ष पुष्प रंजन अग्रवाल, प्रदेश प्रवक्ता मुरलीधर यादव, राहुल केशरवानी, विशाल जैन, पूर्वांचल वेलफेयर एसोसिएशन के उपाध्यक्ष राहुल सिंह, सुमित दत्ता आदि लोग मौजूद रहे।
ये हो सकते हैं बदलाव
- तीन साल की जगह नवीनीकरण पांच साल का होगा।
- नवीनीकरण की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन होगी। इससे पारदर्शिता आएगी।
- मान्यता संबंधी प्रक्रिया भी ऑनलाइन ही रहेगी
- 3 से 6 साल तक के बच्चों की पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दिया जाएगा।
- बच्चों को किस तरह की पढ़ाई कराई जाए, इस पर मंथन किया जाएगा।
वाराणसी में रीजनल सेंटर खोलने की उठी मांग
दो दिवसीय वार्षिक अधिवेशन में पूर्वांचल स्कूल ऐसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. दीपक मधोक ने वाराणसी में सीबीएसई का रीजनल सेंटर खोले जाने की मांग उठाई। बताया कि वाराणसी, चंदौली में ही सीबीएसई के 250 स्कूल हैं। इसके अलावा पूर्वांचल में भी बड़ी संख्या में सीबीएसई के स्कूल संचालित होते हैं। डॉ. मधोक ने बताया कि इस समय यूपी में सीबीएसई का रीजनल सेंटर इलाहाबाद में हैं। पीएम का संसदीय क्षेत्र होने की वजह से वाराणसी में रीजनल सेंटर खोले जाने से आसपास के जिलों के लोगों को बहुत लाभ होगा। इसके साथ ही वाराणसी में ही सीबीएसई स्कूलों के शिक्षकों के ट्रेनिंग का सेंटर खोला जाए। एसोसिएशन की ओर से इसका प्रस्ताव सीबीएसई सचिव को दिया गया और जल्द ही इसका प्रस्ताव पीएमओ में भेजा जाएगा।