वाराणसी। सीबीएसई बोर्ड के दसवीं परीक्षा का पैटर्न बदलने का असर ओवर आल परीक्षा परिणाम पर भी दिख रहा है। तीन साल पहले तक बोर्ड परीक्षा नहीं होती थी और छात्र अपने स्कूल में ही परीक्षा देते थे। अब 2018 से दसवीं में भी बोर्ड एक्जाम होने लगे हैं। उसका असर रिजल्ट पर भी दिख रहा है। इसमे ओवर आल पास प्रतिशत का ग्राफ भी कम हुआ है।
सीबीएसई परीक्षा को लेकर के आमतौर पर स्कूल में परीक्षा के दौरान छात्रों को सीजीपीए ग्रेडिंग मिलती थी तो उसमें उनके व्यक्तिगत रिजल्ट के साथ-साथ ओवर आल विद्यालय के परीक्षा परिणाम का ग्राफ भी बढ़ता था। ग्रेडिंग सिस्टम की बात करें तो तब विद्यालयों में औसतन 70 से 75 प्रतिशत छात्रों का रिजल्ट 9 से 10 सीजीपीए के बीच रहता था। तब ए ग्रेड मिलता था। अब यूपी बोर्ड की तरह सीबीएसई दसवीं में भी बोर्ड परीक्षा देनी पड़ रही है। इसमें अंकों के आधार पर ही ग्रेडिंग का मूल्यांकन हो रहा है। हालांकि छात्रों की संख्या साल दर साल बढ़ रही है, लेकिन परिणाम जारी होने के बाद पास प्रतिशत में कमी आई है।
एक नजर में रिजल्ट
वर्ष परीक्षा में शामिल छात्र पास छात्र
2018 17857 84.83 प्रतिशत
2019 17103 91.48 प्रतिशत
2020 18995 86.76 प्रतिशत
वैकल्पिक विषय में मिल रहे हैं 95 से 100 नंबर
सीबीएसई 10वीं में वैसे तो छात्र छात्राओं का पांच विषय के नंबर को जोड़कर प्रतिशत निकालने की बात कही जा रही है, लेकिन कई छात्रों ने वैकल्पिक विषय भी लिया है। बुधवार को जारी रिजल्ट पर अगर गौर करें तो अधिकांश छात्रों को वैकल्पिक विषय में 100 में 95 से लेकर 100 नंबर तक मिले हैं।