नई दिल्ली से आई सीबीआई की टीम ने बुधवार की दोपहर साइबर ठगी मामले में चितईपुर चौराहा स्थित केनरा बैंक की शाखा प्रबंधक शालिनी सिन्हा को गिरफ्तार किया है। शालिनी को विशेष न्यायाधीश (भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम चतुर्थ) रविंद्र कुमार श्रीवास्तव की अदालत में पेश किया गया। विवेचक नवीन की तरफ से शालिनी को ट्रांजिट रिमांड पर देने की गुहार लगाई गई।
अदालत ने सभी पक्षों को सुनने और पत्रावली देखने के बाद आरोपी को 26 दिसंबर की दोपहर 12 बजे तक सक्षम क्षेत्राधिकार न्यायालय में पेश करने का आदेश दिया। इसके बाद सीबीआई की टीम आरोपी को नई दिल्ली ले गई। इस मामले के विवेचक ने विशेष अभियोजन अधिकारी श्याम सरोज दुबे के माध्यम से अदालत में अर्जी दी है। मामले में एक आरोपी निरंजन गुप्ता के सहयोग का मामला प्रकाश में आसा था।
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निरंजन से पूछताछ के आधार पर ही चितईपुर स्थित केनरा बैंक की शाखा प्रबंधक शालिनी सिन्हा का नाम प्रकाश में आया था। इससे पहले शालिनी की तैनाती पटना में थी। वह सहायक बैंक मैनेजर थीं। पांच साल पहले ही चितईपुर ब्रांच में तैनाती मिली थी। अब गिरफ्तारी हुई है। शालिनी के अधिवक्ताओं की तरफ से अदालत में कहा गया कि वह निर्दोष है। अभियोजन ने कहा कि वह आर्थिक अपराध में शामिल है।
पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं बैंककर्मी
साइबर अपराधियों के लिए म्यूल खाता उपलब्ध कराने के मामले में पूर्व में बैंककर्मी भी गिरफ्तार हो चुके हैं। पिछले साल टास्क इनवेस्टमेंट के नाम पर लाखों रुपये की ठगी में हरदोई निवासी बैंक कर्मी सुनील कुमार को साइबर क्राइम थाने की पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मई 2024 में रिटायर्ड शिक्षिका शम्पा दीक्षित से साढ़े तीन करोड़ रुपये की ठगी के मामले में लखनऊ निवासी बैंक कर्मी समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था।
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साइबर अपराध पर तुरंत दर्ज कराएं शिकायत
एसीपी साइबर क्राइम विदुष सक्सेना ने बताया कि साइबर अपराध होने पर तुरंत शिकायत दर्ज करानी चाहिए। एक से दो घंटे के अंदर शिकायत दर्ज कराने पर रकम की बरामदगी की संभावनाएं शत-प्रतिशत बढ़ जाती हैं। उन्होंने लोगों को मजबूत पासवर्ड बनाने, किसी भी सार्वजनिक वाई-फाई का उपयोग करने से बचने की सलाह दी। ठगी होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें। शिकायत दर्ज कराते समय पूरी और सटीक जानकारी दें, जैसे नाम, मोबाइल नंबर, ईमेल और घटना का विवरण।