अब ओम प्रकाश जमानत पर जेल से बाहर आए तो जांच एजेंसी ने फिर शिकंजा कस दिया है। बताया जा रहा है कि बरेका के निलंबित इंजीनियरिंग के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की जांच भी लंबित है। इसी सिलसिले में सीबीआई लखनऊ की टीम वाराणसी आई और छानबीन करके गई है। सूत्रों के मुताबिक, ओम प्रकाश के राणा नगर कॉलोनी स्थित आलीशान मकान, उसकी जमीन व निर्माण कार्य से जुड़ा ब्योरा लिया है।
यह भी जानकारी जुटाई कि ओम प्रकाश सोनकर ने अपने करीबियों और रिश्तेदारों के नाम से कितनी अचल संपत्ति खरीद रखी है। आरोपी इंजीनियर से पूछताछ भी की गई है। पूछताछ की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सीबीआई के अफसर चल-अचल संपत्तियों के विवरण से जुड़े कागजात अपने कब्जे में लेकर लौट गए।
ओमप्रकाश सोनकर का आवास
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सीनियर सिविल इंजीनियर ओम प्रकाश एक पूर्व सांसद के दामाद है। इंजीनियर का एक दामाद भी आईएएस बताया जाता है। सीबीआई के अफसर यह भी खंगाल रहे हैं कि ओम प्रकाश सोनकर के पास बनारस, लखनऊ सहित प्रदेश और देश के अन्य शहरों में कितनी अचल संपत्ति है। सभी संपत्तियों का विवरण जुटाने के बाद जांच एजेंसी आगे की कार्रवाई करेगी।
ओम प्रकाश सोनकर को रसूखदार इंजीनियर माना जाता है। उन्होंने अपनी नौकरी का ज्यादातर समय पूर्वोत्तर रेलवे के वाराणसी मंडल में ही गुजारा है। बीच में गोरखपुर मंडल के लिए ओम प्रकाश का तबादला हुआ था, लेकिन अपने रसूख का इस्तेमाल कर वह तीन साल बाद वापस वाराणसी आ गए। पिछले साल सितंबर में गिरफ्तार होने से पहले भी ओम प्रकाश सोनकर के कामकाज को लेकर बरेका के अफसरों को शिकायत मिली थी। इसी वजह से उनके कार्यक्षेत्र में बदलाव भी किया गया था।
बरेका कर्मचारी यूनियन के नेताओं के अनुसार, ओम प्रकाश सोनकर किसी भी ठेकेदार का बिल आसानी से पास नहीं करते थे। जब ठेकेदार उनकी शर्त मानते थे, तभी फाइल आगे बढ़ती थी। बिल पास होता था। ओम प्रकाश सोनकर के आलीशान मकान और नौकरों की ज्यादा संख्या पर भी सवाल उठाए गए। सवाल पूछा गया कि आखिरकार इतनी संपत्ति आई कहां से? अब इस सवाल का जवाब सीबीआई तलाश रही है।
ओम प्रकाश सोनकर का घर सीबीआई पहले भी खंगाल चुकी है। बताया जा रहा है कि सितंबर 2022 में छापे के दौरान ओम प्रकाश के घर से नकदी व जेवरात बरामद किए गए थे, जिसे जांच एजेंसी के अफसर अपने साथ ले गए थे। तमाम दस्तावेज भी जब्त किए गए थे। सीबीआई की टीम ने कई दिनों तक बरेका में डेरा डाल रखा था। सिविल इंजीनियरिंग विभाग में तैनात कर्मचारियों से लंबी पूछताछ की गई थी। निर्माण और भुगतान से संबंधित जानकारी ली गई थी।
लॉकर खुलने से पहले ही पत्नी हुई थी अचेत
सीबीआई की टीम ओम प्रकाश की पत्नी को लेकर चांदपुर इंडस्ट्रियल इस्टेट स्थित एक बैंक का लॉकर खुलवाने पहुंची थी। लॉकर तक पहुंचने से पहले ही वह अचेत हो गई थीं। आननफानन उन्हें अस्पताल ले जाया गया था। जब स्वास्थ्य ठीक हुआ, तब टीम ने लॉकर खुलवाया था। लॉकर से बरामद नकदी, जेवर और संपत्तियों से संबंधित कागजातों को सीबीआई ने जब्त कर लिया था।