वाराणसी। केंद्रीय जांच ब्यूरो की दो सदस्यीय टीम ने सोमवार को शिवप्रसाद गुप्त मंडलीय चिकित्सालय में सोमवार की दोपहर छापामारी की। नेशनल रूरल हेल्थ मिशन घोटाले की जांच करने पहुंची टीम ने शाम छह बजे तक कंप्यूटर खरीद के रिकार्ड की पड़ताल की। एक-एक कंप्यूटर का भौतिक सत्यापन किया और कागजों की जांच की। अधिकारियों और कर्मचारियों से गहनता से पूछताछ करती रही। चर्चा तो यह भी रही कि रात में अस्पताल के एक जिम्मेदारी अधिकारी को भी टीम अपने साथ पूछताछ के लिए ले गई थी।
दिन में 11 बजे के करीब सीबीआई के एक डिप्टी एसपी के नेतृत्व में दो सदस्यीय टीम मंडलीय अस्पताल पहुंची। टीम के आगमन की सूचना से ही अस्पताल में हड़कंप मच गया था। चिकित्सा अधीक्षक डा. एके श्रीवास्तव से पूछताछ करने के बाद टीम के सदस्यों ने कंप्यूटरों के रिकार्ड की पड़ताल की। काफी देर तक बंद कमरे में एक-एक दस्तावेज की जांच परख की जाती रही। सूत्रों ने बताया
कि वर्ष 2009-10 में सूबे में 10 करोड़ रुपये की लागत से कंप्यूटरों की खरीद की गई थी। इसमें से 10 कंप्यूटर मंडलीय चिकित्सालय में आए थे। इनको स्टोर, मुख्य औषधि भंडार, प्रमुख अधीक्षक कक्ष, पैथालाजी, एक्सरे, पर्चा काउंटर और इमरजेंसी में लगाया जाना था लेकिन केवल पर्ची काउंटर पर ही चार और प्रमुख अधीक्षक कक्ष में एक कंप्यूटर लगाया गया। उनकी नेटवर्किंग तक
नहीं की गई थी। छानबीन के दौरान टीम ने एक लिपिक से काफी देर तक पूछताछ की। टीम में शामिल इंजीनियर ने एक-एक कंप्यूटर की जांच की। चर्चा तो यह भी रही कि शाम को एक अधिकारी को टीम अपने साथ ले गई थी। सीबीआई की यह टीम दो दिनों से जौनपुर में भी एनआरएचएम घोटाले की पड़ताल करती रही।