डीआरएम कार्यालय व आरोपी डीईएन सत्यम कुमार सिंह
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भ्रष्टाचार में जेल गए सीनियर डीईएन-टू के राजदारों के रिकॉर्ड सीबीआई खंगाल रही है। छानबीन के दौरान पता चला है कि देवरिया के ठेकेदार से पहले सीनियर डीईएन की नजदीकी बरेका के एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के साथ भी रही है। कहने को चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी है, लेकिन वह पूर्वोत्तर रेलवे के डीआरएम बिल्डिंग में अधिकतर ठेकों को मैनेज करता रहा है।
बागपत जेल में मारे गए मुन्ना बजरंगी के खास कहे जाने वाला यह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी सीनियर डीईएन के इशारे पर देवरिया के ठेकेदार को फाइनेंस करता रहा है। चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के फर्म पर 100 करोड़ का काम पूर्वोत्तर रेलवे में चल रहा है।
इस टेंडर को दिलवाने में सीनियर डीईएन की भूमिका की भी जांच हो रही है। यही नहीं, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी ने सत्यम सिंह पटेल की माफियाओं से सुरक्षा की गारंटी भी ली थी। यही कारण था कि सत्यम सिंह पटेल दो बाउंसर के साए में रहता था।