मुख्य न्यायिक मस्जिस्ट्रेट अभय श्रीवास्तव की कोर्ट ने दिया आदेश
जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो आखिर आम आदमी इंसाफ के लिए कहां जाएगा। एक ऐसा ही मामला वाराणसी में आया है जहां चौकी इंचार्ज पर लूटपाट करने का आरोप है।
मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अभय श्रीवास्तव की कोर्ट ने कार सवार से तलाशी के नाम पर मारपीट करने, रुपये छीनने और एटीएम से जबरन रुपये के निकालने के आरोप में पांच पुलिसकर्मियों के खिलाफ लूट और मारपीट का मुकदमा दर्ज करने का आदेश रोहनिया थानाध्यक्ष को दिया है।
आदेश के अनुसार पूर्व में रोहनिया थाने के जक्खिनी पुलिस चौकी प्रभारी रहे चंद्रकेश शर्मा और चार अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ रोहनिया थाने में मुकदमा दर्ज कर विवेचना की जाए।
मिर्जापुर के अहरौरा निवासी हंसलाल कुशवाहा की तरफ से अधिवक्ता अनुज यादव व विपिन शर्मा ने कोर्ट में दलील दी कि 14 अगस्त, 2016 की रात 11 बजे वादी कुछ साथियों के साथ इलाहाबाद की तरफ से मारुति वैन से आ रहा था।
इसी दौरान कछवां-जक्खिनी मार्ग पर आरोपी दारोगा व पुलिसकर्मियों ने चेकिंग के नाम पर रोक लिया। 50 हजार रुपये न देने पर फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी दी और मारापीटा।
जेब से 15 हजार रुपये, तीन मोबाइल फोन छीन लिए। एटीएम जबरन लेकर कोड पूछकर 10 हजार रुपये निकाले। कोर्ट में घटना से संबंधित वीडियो फुटेज भी पेश किया गया।
कोर्ट ने कहा कि पुलिस कर्मचारियों का ऐसा कार्य पदीय दायित्वों की श्रेणी में नहीं है। यह संज्ञेय अपराध है, ऐसे में आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर विवेचना कराना न्यायोचित होगा।