वाराणसी स्थित काशी हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के पूर्व विधि छात्र कृष्णमोहन पांडेय से बीएचयू में क्लर्क की नौकरी दिलाने के नाम पर 9 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। नौकरी और पैसा नहीं मिलने के बाद भुक्तभोगी ने लंका थाने में तहरीर देकर अभिषेक श्रीवास्तव और उसके पिता अजय श्रीवास्तव के खिलाफ आईपीसी 406,506 में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस जांच में जुट गई है।
मऊ के सेहबरपुर रतनपुरा हलधरपुर के रहने वाले कृष्ण मोहन पांडेय बीएचयू से विधि की पढ़ाई करने के बाद लंका इलाके में किराए पर कमरा लेकर तैयारी करता है। कृष्ण मोहन का आरोप है कि एक दिन विश्वनाथ मंदिर के पास पुराने परिचित अभिषेक श्रीवास्तव मिला। बातचीत के दौरान अभिषेक ने बीएचयू में क्लर्क की नौकरी दिलाने की बात की।
उसने कहा कि मेरे पिता की बीएचयू के रजिस्ट्रार से अच्छी बनती है। इस दौरान उसने फोनकर पांच लाख रुपये और सारे कागजात मांगे। इसके बाद कृष्णमोहन ने एक लाख 35 हजार रुपये उसके खाते में ट्रांसफर कर दिया।