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सोनभद्र में संविदा श्रमिकों का बवाल, अब भी पुलिस तैनात, 53 नामजद, 150 अज्ञात पर मुकदमा

Sat, 10 Nov 2018 09:57 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सोनभद्र
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- फोटो : अमर उजाला
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उत्तर प्रदेश के सोनभद्र स्थित  रेणुसागर पावर डिवीजन के गेट पर मांगों के लिए धरना दे रहे मजदूरों को खदेड़े जाने के बाद हुए बवाल के मामले में पुलिस ने शनिवार की रात 53 नामजद और 150 अज्ञात पर केस दर्ज कर लिया। शुक्रवार की रात हिरासत में लिए गए 27 में से तीन को छोड़कर 24 का चालान कर दिया गया। एएसपी अरुण कुमार दीक्षित ने बताया कि स्थिति सामान्य है। 
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समान कार्य का समान वेतन सहित 11 मांगों के समर्थन में रेणुसागर पावर डिवीजन के संविदा श्रमिकों का आठ दिनों से धरना चल रहा था। शुक्रवार को बलपूर्वक हटाने पर मजदूरों ने पथराव, आगजनी की थी। देर रात यूनिट हेड के आवास, सब स्टेशन व इंजीनियरिंग हॉस्टल में भी तोड़फोड़ की।

रात में डीएम अमित कुमार सिंह, एसपी किरीट राठोड भी पहुंच गए थे। शुक्रवार की शाम हिरासत में लिए गए 27 में से 24 लोगों का चालान कर दिया गया। देर रात नौ और हिरासत में लिए गए थे। डीएम, एसपी और अन्य अधिकारियों ने परियोजना परिसर में फ्लैग मार्च किया।
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परियोजना आवासीय परिसर से सटे गरबंधा गांव के लोगों को आने-जाने के लिए खोले गए द्वार को बंद करा दिया गया। डीएम ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी। कंपनी परिसर में लगे सीसीटीवी फुटेज देखे जा रहे हैं। 

लाठीचार्ज मामले की उच्च स्तरीय जांच की मांग

भारतीय मजदूर संघ ने रेणुसागर परियोजना के संविदा कर्मियों पर कार्रवाई किए जाने की निंदा की है। साथ ही यूपी सरकार से मांग की गई है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच उच्च स्तरीय कमेटी से कराई जाए। दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की जाए। संघ के जिलाध्यक्ष बीडी विश्वकर्मा ने कहा कि भारतीय मजदूर संघ के बैनर तले रेनुसागर परियोजना के संविदा कर्मियों के द्वारा लोकतांत्रिक एवं गांधीवादी तरीके से 11 सूत्री मांगों के लिए धरनारत मजदूरों पर जिला प्रशासन के द्वारा लाठी चार्ज, आंसू गैस एवं अन्य उत्पीड़नात्मक कार्रवाई करते हुए धरना समाप्त करा दिया गया।

इसमें बड़ी संख्या में महिला एवं पुरूष मजदूर घायल हुए और जिला प्रशासन के द्वारा गिरफ्तारी भी की गई है। कहा कि भारतीय मजदूर संघ जिला इकाई इसकी घोर निंदा करती है एवं पीड़ित मजदूरों के लिए संवेदना व्यक्त करते हुए दोषियों पर कार्रवाई की मांग करती है।
 

मजदूरों पर लाठीचार्ज के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन

रेणुसागर स्थित हिंडाल्को पावर प्लांट गेट पर आठ दिनों से धरनारत श्रमिकों पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज व आंसू गैस के गोले छोड़ने के खिलाफ शनिवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राबर्ट्सगंज के आरटीएस क्लब चौराहे पर जिला प्रशासन का पुतला फूंका और नारेबाजी की। घटना की निंदा कर वक्ताओं ने कहा कि मजदूरों की लड़ाई कांग्रेस लड़ेगी।  

 युवा कांग्रेस के पूर्व लोकसभा महासचिव शत्रुंजय मिश्रा ने कहा कि बीजेपी सरकार में युवाओं, मजदूरों व शिक्षकों को अपना हक मांगने पर लाठियां बरसाई जा रही हैं। समान कार्य के लिए समान वेतन सहित कई मांगों को लेकर धरनारत श्रमिकों पर लाठीचार्ज करना लोकतंत्र की हत्या है।

यह किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नही किया जाएगा। कांग्रेस सेवादल की प्रदेश संगठन मंत्री उषा चौबे ने कहा की शांति ढंग से चल रहे आंदोलन जबरन खत्म कराना और लाठीचार्ज करना निंदनीय है। कांग्रेस के जिला महासचिव अरविंद सिंह ने कहा कि बीजेपी सरकार में मजदूरों का शोषण बदस्तूर जारी है। मजदूरों को उनका हक नही दिया जा रहा है। मजदूरों की लड़ाई कांग्रेस पार्टी लड़ेगी। 
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क्षेत्र में फैली अशांति को शांत करने की अपील

 रेनूसागर में हुई आगजनी और तोड़फोड़ की घटना को लेकर फैली अशांति को शांत करने के लिए प्रशासन व गरबंधा गाव के ग्राम प्रधान सहित आसपास के बुद्धिजीवियों के साथ रेनूसागर अतिथि गृह में शनिवार की दोपहर वार्ता आयोजित की गयी जिसमें जिलाधिकारी अमित कुमार सिंह, एसपी किरीट राठोड, सीडीओ सुनील कुमार वर्मा सहित डीएलसी व अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया।  

डीएम अमित कुमार सिंह ने कहा कि मामले का शांत कराने तथा परियोजना के इंजीनियरिंग हास्टल व सब स्टेशन से उपद्रवियों द्वारा उठा ले गये लैपटाप, मोबाइल सहित अन्य बिजली के उपकरणों को बरामद कराने में सहयोग करें। उन्होंने लोगों को आश्वस्त किया कि बेगुनाह को किसी भी कीमत पर फंसने नहीं दिया जायेगा।

जो लोग अफवाह फैला रहे हैं कि प्रशासन सभी के ऊपर कार्रवाई करेगा उन्हें समझाण् कि अफवाहों पर वह ध्यान न दें तथा अपने दैनिक कार्यों को पहले की तरह करते रहें। मामला शांत होने के बाद संविदा श्रमिकों की वार्ता  परियोजना प्रबंधन से कराने में प्रशासन सहयोग करेगा तथा जो जायज मांगे होगी उसे पूरा कराया जायेगा।

प्रधान और ग्रामीणों ने गरबंधा गांव को जाने वाले गेट व अन्य गेटों को प्रशासन द्वारा बंद कराने पर आपत्ति जतायी गयी कि सैकड़ों बच्चे आवासीय परिसर में पढ़ने सहित गरबंधा गांव के लोग बैंक, पुलिस चौकी, पोस्ट आफिस, चिकित्सालय आदि के कार्य के लिए आते है। मार्ग बंद होने से उन्हे दो से तीन किमी घूम कर आना होगा। जिस पर डीएम ने आश्वासन दिया कि मामला शांत होने पर इस पर विचार किया जायेगा। 
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