बीएचयू अस्पताल में किस इंटर्न की ड्यूटी कहां होगी, उसकी सूची नियमानुसार आईएमएस निदेशक कार्यालय से विभागों में भेज दी जाती है। चौंकाने वाली बात यह है कि चार लोगों की जगह दूसरे लोगों ने ड्यूटी कर ली और उनके हस्ताक्षर भी बना दिए। लेकिन, इसकी जानकारी मेडिकल अफसर और संबंधित विभागाध्यक्ष को भी नहीं हो पाई। फर्जी इंटर्न की ड्यूटी प्रमाणित कर एमएस ऑफिस भी भेज दी गई।
एमबीबीएस इंटर्न की जगह ड्यूटी करने के मामले में अभी तीन लोग पकड़े गए और उन पर मुकदमा भी दर्ज हो गया। लेकिन, जिस तरह मामले की परत खुलरही है, उससे लग रहा है कि अभी कुछ और लोगों के नाम सामने आएंगे। इधर, पुलिस ने भी जांच तेज कर दी है।
कुलपति प्रो. सुधीर कुमार जैन को फर्जीवाड़े की जानकारी मिली तो कड़ा रुख अपनाया। कुलपति ने जिम्मेदारों को तुरंत मामले में ठोस कार्रवाई के निर्देश दिए। कुलपति की पहल पर ही तहरीर लिखी गई और फिर मामले में लंका थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। अब जांच समिति की रिपोर्ट का इंतजार है। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।