गंगासागर गुप्ता ने बताया कि बैंक अधिकारियों ने 2023-24 के दौरान कंपनी के नाम पर 13 फॉरेक्स फॉरवर्ड कॉन्ट्रैक्ट बुक किए, जबकि यह सुविधा केवल उन निर्यातकों या आयातकों के लिए वैध है जिनके पास वास्तविक विदेशी मुद्रा में भुगतान या प्राप्ति का जोखिम होता है।
23 अक्टूबर 2023 को एक फर्जी इनवॉइस कंपनी के ईमेल पर आने से संदेह गहराया कि बैंक अधिकारी स्वयं फर्जी कागजात तैयार कर रहे हैं। आरोप है कि 10 जुलाई, 2024 को स्विट्जरलैंड की करेंसी में बुक किया गया पांच लाख फ्रैंक का कॉन्ट्रैक्ट, आठ जुलाई को मेच्योर हुआ। उस समय बाजार दर 107.70 रुपये थी, जबकि कॉन्ट्रैक्ट 97.25 रुपये पर बुक था। इससे बैंक को भारी नुकसान हुआ और बिना अनुमति कंपनी के खाते से 52 लाख 25 हजार रुपये डेबिट कर लिए गए।
कंपनी की जांच में यह भी सामने आया कि तीन अन्य कॉन्ट्रैक्ट्स में भी लगभग दो करोड़ रुपये का घाटा चल रहा था। गंगासागर गुप्ता ने कहा कि बैंक के जिम्मेदार अधिकारियों के इस व्यवहार से अब हमारा बैंकिंग प्रणाली से भरोसा उठ गया है। हमने आरबीआई और प्रवर्तन निदेशालय को भी शिकायत भेजी है ताकि इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कराई जा सके। भेलूपुर पुलिस ने एक अज्ञात व्यक्ति समेत तीन बैंक अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।