गंगा में जल परिवहन के ‘पायलट रन’ के लिए आया मालवाहक जहाज ‘वीवी गिरि’ सोमवार को यहां राजघाट पुल से आगे नहीं बढ़ सका। इसे रामनगर तक जाना है, लेकिन राजघाट से रामनगर के बीच आठ किलोमीटर तक कछुआ सेंचुरी के प्रतिबंधों के चलते वन विभाग ने इसे राजघाट स्थित खिड़किया घाट पर ही रोक दिया। विभाग का कहना है कि कछुआ सेंचुरी से जहाज के आवागमन के लिए अनापत्ति नहीं ली गई थी। भारतीय अंतरर्देशीय परिवहन प्राधिकरण (आईडब्ल्यूएआई) के अधिकारियों का कहना है कि अनापत्ति के लिए वन विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया गया है।
जहाज के मास्टर शक्तिपदो दास और ड्राइवर चितरंजन गिरि ने बताया कि पटना से वाराणसी के लिए छह जुलाई को रवानगी हुई थी। रविवार की शाम जहाज वाराणसी जिले के बलुआ घाट पर रुका था। सोमवार की सुबह उसने राजघाट स्थित खिड़किया घाट पहुंचकर लंगर डाला। बता दें कि रामनगर में मल्टी मॉडल टर्मिनल बनाया जा रहा है। ढुलाई के लिए जहाजों पर माल इसी टर्मिनल से चढ़ाया और उतारा जाएगा। जहाज के आपरेशन मैनेजर शंकर गेन ने बताया कि 12 लोगों का उनका स्टाफ है। सामान्य दिनों में पटना से बनारस आने में तीन दिन लगते हैं। बाढ़ के चलते पांच दिन लग गए।