काशी में लाल निशान की ओर बढ़ी गंगा की रफ्तार सोमवार की दोपहर बाद ठहर गई। इससे एक बारगी बाढ़ का खतरा टल गया है। गंगा का बढ़ाव रुकने से तटीय इलाकों में बाढ़ की आशंका में डूबे लोगों की चिंता टल गई है। हालांकि जलस्तर 67.65 मीटर तक पहुंचने से निचले इलाकों में पानी घुस गया और अफरातफरी मच गई। वरुणा किनारे के लोग सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने लगे। गंगा ने मां शीतला के पांव पखार लिए। गर्भगृह में लहरें प्रवेश कर गईं। फिलहाल यहां गंगा खतरे के निशान से 3.612मीटर नीचे बह रही है।
चार दिन से उफनाई गंगा की लहरें सोमवार को शांत पड़ गईं। इस प्रवाह में गंगा घाटों पर लगे अस्थाई चेंजिंग रूम बह गए। खूबसूरती के लिए घाटों पर लगाए गए कुछ फव्वारे भी बह गए हैं। अस्सी से राजघाट के बीच सैकड़ों लोग इस बढ़ाव के चलते सुरक्षित स्थानों पर चले गए। बढ़ते प्रवाह को लेकर परेशनी बढ़ती जा रही थी लेकिन फिलहाल प्रवाह रुकने से राहत मिल गई है। गंगा मां शीतला के दरबार में प्रवेश कर गईं। इससे मां शीतला का मुखौटाअहिलेश्वलर महादेव मंदिर में ले जाने की तैयारी शुरू हो गई है। उधर, वरुणा किनारे की बस्तियों में रविवार की रात से ही पानी चढ़ने लगी था।
इससे सरैया, शैलपुत्री समेत वरुणा की अन्य तटीय बस्तियों के लोग सामान लेकर सुरक्षित स्थानों पर जाने की तैयारी में जुट गए।
उधर, केंद्रीय जल आयोग से जारी बुलेटिन के मुतबिक फाफामऊ में गंगा स्थिर हो गई है। जबकि इलाहाबाद में घटाव शुरू हो गया है। जल्द ही मिर्जापुर और बनारस में भी घटाव शुरू होगा।