प्रधानाचार्य डॉ. आनंद प्रभा सिंह ने कहा कि कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए हर तरह की काउंसिलिंग जरूरी है। बच्चों के कॅरियर में चयन के लिए उन्हें सही दिशा देने में अध्यापक की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। कॅरियर का चुनाव करते समय बच्चों की रुचि और उनकी प्रतिभा का आकलन जरूर करना चाहिए। विद्यालयों में समय समय पर कॅरियर काउंसिलिंग के सत्र होते रहने चाहिए।
अमर उजाला के कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं
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सवाल : प्रतिभा और रुचि में क्या फर्क होता है? - हंसिका तिवारी
जवाब : प्रतिभा प्राकृतिक होती है जबकि रुचि मानसिक इच्छाओं पर आधारित होती है। रुचि के आधार पर ही प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।
सवाल : चैट जीपीटी क्या है? - आनंदी जायसवाल
जवाब : चैट जीपीटी वो माध्यम है जो हर मुश्किल विषय को आसान बनाता है। उदाहरण के तौर पर बच्चों के लिए कोई गेम बनाना हो तो उसकी कोडिंग चैट जीपीटी आसान कर देता है।
सवाल : उच्च शिक्षा से संबंधित जानकारी के लिए किन माध्यमों का प्रयोग करें? - ज्योति कुमारी
जवाब : इसके लिए सर्च इंजन गूगल, यूट्यूब जैसे माध्यम सहायक होते हैं।
सवाल : उच्च शिक्षा के लिए कैसे तैयारी करें? - गरिमा बिंद
जवाब : इसके लिए जरूरी है हर छात्र अपनी प्रतिभा के अनुसार विषय का चयन कर उसकी एक सूची बनाए। एक माह तक दो से तीन घंटे उसका अध्ययन करे।