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कॅरियर काउंसलिंग: मेंटर अनुपम रघुवंशी बोले- अंक और प्रतिशत नहीं तय करते आपका भविष्य

Wed, 17 May 2023 12:58 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी

सार

कॅरियर काउंसलर व मेंटर अनुपम रघुवंशी ने मंगलवार को महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला की ओर से आयोजित नई दिशा: भविष्य की ओर से पहला कदम कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित किया। 
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निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज में ई दिशा: भविष्य की ओर से पहला कदम कार्यक्रम - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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 सफल व्यक्ति का भविष्य उसके अंक और प्रतिशत तय नहीं करते, बल्कि उस व्यक्ति की रुचि और प्रतिभा उसे सफल बनाती है। किसी भी क्षेत्र में कॅरियर चुनने के लिए जरूरी है विद्यार्थी का सही मार्गदर्शन। ऐसे में विषय चयन से पहले उसकी कॅरियर काउंसिलिंग जरूरी है।

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ये बातें कॅरियर काउंसलर व मेंटर अनुपम रघुवंशी ने मंगलवार को महमूरगंज स्थित निवेदिता शिक्षा सदन बालिका इंटर कॉलेज में अमर उजाला की ओर से आयोजित नई दिशा: भविष्य की ओर से पहला कदम कार्यक्रम में छात्राओं को संबोधित करते हुए कहीं। उन्होंने कहा कि सही विषय का चुनाव एकाग्रता से करें। हर विद्यार्थी को अपनी रुचि और प्रतिभा पता होनी चाहिए।

हर छात्र में अर्जुन की तरह लक्ष्य साधने की काबिलियत होनी चाहिए। कहा कि, नई शिक्षा नीति के तहत अब अंक और प्रतिशत के आधार पर उच्च शैक्षणिक संस्थान में प्रवेश की कोई बाध्यता नहीं है। कार्यक्रम में 400 से अधिक छात्राएं शामिल रहीं। संचालन पदमा पाठक ने किया और कोऑर्डिनेटर उर्मिला मिश्रा रहीं।

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12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए काउंसिलिंग जरूरी

प्रधानाचार्य डॉ. आनंद प्रभा सिंह ने कहा कि कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों के लिए हर तरह की काउंसिलिंग जरूरी है। बच्चों के कॅरियर में चयन के लिए उन्हें सही दिशा देने में अध्यापक की भी बहुत बड़ी भूमिका होती है। कॅरियर का चुनाव करते समय बच्चों की रुचि और उनकी प्रतिभा का आकलन जरूर करना चाहिए। विद्यालयों में समय समय पर कॅरियर काउंसिलिंग के सत्र होते रहने चाहिए। 
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छात्राओं ने किए सवाल

अमर उजाला के कार्यक्रम में मौजूद छात्राएं - फोटो : अमर उजाला
सवाल : प्रतिभा और रुचि में क्या फर्क होता है? - हंसिका तिवारी
जवाब : प्रतिभा प्राकृतिक होती है जबकि रुचि मानसिक इच्छाओं पर आधारित होती है। रुचि के आधार पर ही प्रतिभा का बेहतर प्रदर्शन किया जा सकता है।

सवाल : चैट जीपीटी क्या है? - आनंदी जायसवाल
जवाब : चैट जीपीटी वो माध्यम है जो हर मुश्किल विषय को आसान बनाता है। उदाहरण के तौर पर बच्चों के लिए कोई गेम बनाना हो तो उसकी कोडिंग चैट जीपीटी आसान कर देता है।

सवाल : उच्च शिक्षा से संबंधित जानकारी के लिए किन माध्यमों का प्रयोग करें? - ज्योति कुमारी
जवाब : इसके लिए सर्च इंजन गूगल, यूट्यूब जैसे माध्यम सहायक होते हैं।

सवाल : उच्च शिक्षा के लिए कैसे तैयारी करें? - गरिमा बिंद
जवाब : इसके लिए जरूरी है हर छात्र अपनी प्रतिभा के अनुसार विषय का चयन कर उसकी एक सूची बनाए। एक माह तक दो से तीन घंटे उसका अध्ययन करे।
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