पीपल फार एनिमल संस्था के सदस्य विशाल सिंह ने बताया कि एक कुत्ते की हत्या कर दी जाती है और पुलिस कहती है कि इसमें कौन सी धारा लगेगी। नौ बजे की घटना और रात एक बजे के लगभग मुकदमा दर्ज किया गया। वह भी पुलिस आयुक्त के पीआरओ को फोन करने के बाद। जानवर मर जाए इंसान को कोई फर्क नहीं है। सुबह से शाम तक पोस्टमार्टम कराने के लिए अधिकारियों के यहां चक्कर लगाने पड़े। अधिकारी मुझे ऐसे घूर रहे थे कि मैंने मुकदमा दर्ज कराकर अपराध कर दिया। इतना परेशान किया गया तब जाकर संस्थापक मेनका गांधी को फोन करके घटना से अवगत कराया।