नई व्यवस्था के तहत किशोरों के लिए पढ़ाई, खेलकूद, स्वास्थ्य और कौशल विकास की सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परिसर में कक्षाओं का निर्माण किया जाएगा, जहां कक्षा एक से 12 तक के बच्चों की पढ़ाई सुनिश्चित होगी। समय-समय पर बेसिक और माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षक यहां आकर पढ़ाई कराएंगे। इसके अलावा कंप्यूटर शिक्षा, कौशल विकास प्रशिक्षण, भोजन और खेलकूद के लिए अलग-अलग व्यवस्थाएं की जाएंगी।
निरीक्षण के दौरान जिला जज संजीव शुक्ला, मुख्य विकास अधिकारी प्रखर सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक भोलेंद्र प्रताप सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव भी मौजूद रहे।