बनारस, मिर्जापुर और आजमगढ़ मंडल के नौ जिलों की जेल में क्षमता से ज्यादा बंदी हैं। बैरक में 5039 बंदी रखे जा सकते हैं, लेकिन 8459 रह रहे हैं। वाराणसी की जेल में सबसे ज्यादा बंदी हैं। यहां 971 की जगह 2150 बंदी रखे गए हैं। चंदौली के बंदी भी वाराणसी जिला कारागार में रखे जाते हैं।
जेल प्रशासन के मुताबिक, बंदियों की ज्यादा संख्या से व्यवस्था बिगड़ती है। सुबह, शाम ज्यादा दिक्कत आती है। बाथरूम और टायलेट जाने के लिए बंदियों की लंबी कतार लगती है। गर्मी में समस्या और बढ़ जाती है। तबीयत खराब होने पर जेल अस्पताल में ढंग का इलाज तक नहीं मिल पाता है।
मरहम-पट्टी के साथ दवाइयां कम पड़ जाती हैं। अलग-अलग जेलों में 389 महिला बंदी भी रखी गई हैं। इनमें 29 महिलाएं ऐसी हैं, जिनके बच्चे भी रहते हैं। शासन-प्रशासन जेल की क्षमता बढ़ाने की बात कहता है, लेकिन अमल नहीं होता है। जेल में ज्यादा बंदियों के रखे जाने की समस्या लंबे समय से बनी हुई है।
| जिला |
क्षमता |
पुरुष बंदी |
महिला बंदी |
मां के साथ रहने वाले बच्चे |
| वाराणसी |
971 |
2049 |
95 |
06 |
| जौनपुर |
320 |
908 |
40 |
00 |
| सोनभद्र |
550 |
944 |
45 |
08 |
| आजमगढ़ |
1244 |
1395 |
80 |
02 |
| भदोही |
163 |
360 |
10 |
|
| मऊ |
540 |
672 |
14 |
01 |
| मिर्जापुर |
400 |
669 |
31 |
02 |
| गाजीपुर |
512 |
890 |
46 |
09 |
| बलिया |
339 |
572 |
28 |
01 |
बोले अधिकारी
बनारस जिला कारागार की क्षमता बढ़ाकर 950 से ज्यादा की गई है। चंदौली में कारागार के लिए जमीन चिन्हित हो गई है। वहां कारागार के बनते ही बनारस में दबाव काफी हद तक कम हो जाएगा।
- आचार्य डॉ. उमेश सिंह, वरिष्ठ अधीक्षक, जिला कारागार, वाराणसी।