उसका कहना था कि पांडेय जी मुकदमे में आपने आदेश तो करा लिया है लेकिन एएसआई वाले ज्ञानवापी में घुस नहीं पाएंगे। आप और आपके सहयोगी मारे जाएंगे। नौ अप्रैल को उन्होंने इस धमकी की शिकायत पुलिस से की तो उन्हें सरकारी सुरक्षा मुहैया कराई गई थी। हालांकि अब पुलिस ने सरकारी सुरक्षा भी हटा ली है। इस वजह से वह खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं।
हरिहर पांडेय के अनुसार प्राचीन मूर्ति स्वयंभू ज्योतिर्लिंग लॉर्ड विशेश्वरनाथ की ओर से पंडित सोमनाथ व्यास, रामरंग शर्मा और उन्होंने बतौर वादी वर्ष 1991 में सिविल कोर्ट में मुकदमा दायर किया था। अदालत में मुकदमा दायर होने के कुछ वर्ष बाद पंडित सोमनाथ व्यास और रामरंग शर्मा की मौत हो गई थी। अब वही इस मुकदमे के पक्षकार के तौर पर बचे हुए हैं।