इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड एकाउंटेंट ऑफ इंडिया(ICAI) ने जीएसटी को पाठ्यक्रम में जगह दी है। सीए के नए पाठ्यक्रम में छात्रों को पहले से अधिक मेहनत की जरूरत होगी। साथ ही, नए पाठ्यक्रम में इनकम टैक्स एवं कंपनी एक्ट के वर्तमान बदलाव को भी शामिल किया गया है।
अब छह महीने में होने वाली परीक्षाओं में कर प्रावधानों में हुए बदलाव से भी छात्रों को अपडेट होना पड़ेगा। यह जानकारी रविवार को पराड़कर स्मृति भवन में आयोजित सीए स्टूडेंट्स सेमिनार के मुख्य अतिथि ICAI की वाराणसी शाखा के पूर्व अध्यक्ष जय प्रधवानी ने दी।
उन्होंने बताया कि पहली जुलाई से चार्टर्ड एकाउंटेंट के नए पाठ्यक्रम में बदलाव कर दिया गया है। सीए पाठ्यक्रम में भारी बदलाव के चलते सीए परीक्षा तीन चरणों में आयोजित की जाएगी। पहले चरण में सीए फाउंडेशन में चार सौ अंकों की चार विषयों की परीक्षा होगी।
इस परीक्षा में दो विषय ऑब्जेक्टिव और दो प्रश्नोत्तरी आधारित होंगे। दूसरे चरण की परीक्षा को सीए इंटरमीडिएट कहा जाएगा। इसमें सभी विषयों की परीक्षा प्रश्नोत्तरी प्रारूप में होगी। इसके बाद छात्रों को किसी सीए के निर्देशन में तीन वर्ष ट्रेनिंग लेनी जरूरी है।
इसके बाद सीए की फाइनल परीक्षा होगी। सेमिनार के मुख्य वक्ता दिल्ली के सीए आशीष कॉलरा रहे। कहा कि नई कर प्रणाली जीएसटी आने के बाद चार्टर्ड अंकाउंटेंट की मांग तेजी से बढ़ी हैं। उन्होंने नए पाठ्यक्रम में हुए बदलाव की बारीकियां बताई।