वहीं, बीएचयू की पूर्व छात्रा कावेरी झा ने भी सीए फाइनल परीक्षा में सफलता अर्जित की है। मूल रूप से बिहार के मधुबनी जिले की रहने वाली कावेरी ने वर्ष 2022 में बीएचयू से स्नातक की पढ़ाई पूरी की थी। इसके बाद वह अपने परिवार के साथ जयपुर में रहकर सीए की तैयारी कर रही थीं। तैयारी के दौरान उन्होंने निजी क्षेत्र में नौकरी भी की और पढ़ाई के साथ संतुलन बनाते हुए अपने लक्ष्य को हासिल किया।
इसी क्रम में वर्तिका अग्रवाल ने भी सीए फाइनल परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। उनके पिता भूपेंद्र अग्रवाल ने इसे परिवार के लिए गर्व का क्षण बताया। उन्होंने कहा कि वर्तिका के बड़े भाई भी चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं और अब परिवार के दोनों बच्चों का इस प्रतिष्ठित पेशे में होना अत्यंत खुशी की बात है।
वर्तिका ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता के मार्गदर्शन, परिवार के सहयोग और लगातार किए गए कठिन परिश्रम को दिया। तीनों बेटियों की सफलता ने काशी के युवाओं को नई प्रेरणा दी है।