कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स की बैठक में आह्वान किया गया है कि तुर्किये और आजर्बैजान के साथ कोई व्यापार नहीं करना है। बता दें कि भारत-पाक के बीच सैन्य कार्रवाई हुई जिसमें तुर्किये ने पाकिस्तान का समर्थन कर भारत से लड़ने का हथियार दिया जिसके बाद यह निर्णय लिया गया।
काशी के व्यापारियों ने तुर्किये और आजर्बैजान के साथ व्यापार न करने का निर्णय लिया है। बुधवार को कॉन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (कैट) के आह्वान के बाद चांदपुर में बैठक में व्यापारियों ने फैसला लिया है। तुर्किये और अजरबेजान की यात्राओं का बहिष्कार करने का आह्वान किया गया।
विज्ञापन
बैठक में कहा गया कि बहिष्कार के संबंध में कैट ट्रैवल एंड टूर ऑपरेटर्स संगठनों सहित अन्य से मिलकर अभियान को तेज किया जाएगा। व्यापारी नेता अखिलेश मिश्रा ने कहा कि चीन को लेकर कैट की ओर से कई वर्षों से चीनी उत्पादों का बहिष्कार करने का अभियान चलाया जा रहा है।
इसका व्यापक असर पड़ा है। तुर्किये और अजरबेजान के साथ व्यापार बंद करने के मुद्दे पर अंतिम निर्णय 16 मई को कैट द्वारा नई दिल्ली में व्यापारी नेताओं के एक राष्ट्रीय सम्मेलन में लिया जाएगा। अखिलेश मिश्रा ने कहा कि यदि भारतीय पर्यटक यात्रा का बहिष्कार करते हैं तो तुर्किये को आर्थिक नुकसान होगा।