Varanasi News: इमाम अब्दुल अजीज ने बताया कि पांच भाइयों में सबसे बड़े साजिद अली पत्नी नुसरत अली या बेटे सद्दाम सहित किसी की भी कभी शिकायत नहीं करते थे। मगर, वह हमेशा परेशान जरूर करते थे।
वाराणसी के खोजवा में शंकुलधारा पोखरा के पास कंकड़वावीर मस्जिद में गुरुवार दोपहर सीमेंट व्यापारी हाजी साजिद अली (60) ने लाइसेंसी पिस्टल से कनपटी पर दाईं तरफ गोली मारकर जान दे दी। सूचना पाकर पहुंची भेलूपुर थाने की पुलिस ने पिस्टल को कब्जे में लेकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। साजिद अली की आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो पाई है। पुलिस प्रथम दृष्टया घरेलू कलह को घटना की वजह मानकर जांच कर रही है।
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कंकड़वावीर मस्जिद के इमाम अब्दुल अजीज ने बताया कि हाजी साजिद अली मूलरूप से सोनारपुरा के रहने वाले थे। कुछ वर्षों से खजुरी कॉलोनी में रहते थे। उनका एक बेटा सद्दाम अली है। साजिद अली सीमेंट का कारोबार करते थे। जब भी तगादा के सिलसिले में इधर आना होता था तो मस्जिद में नमाज पढ़ने जरूर जाते थे।
दोपहर में उन्होंने मस्जिद में नमाज पढ़ी। इसके बाद वजूखाना के पीछे सीढ़ी पर बैठकर कनपटी पर पिस्टल से गोली मार ली। पुलिस की सूचना पर साजिद के परिजन भी आत्महत्या के संबंध में जानकारी नहीं दे सके। भेलूपुर इंस्पेक्टर विजय कुमार शुक्ला ने बताया कि आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा कर वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।