ये तस्वीरें हैं शहरवासियों की घूमने-टहलने और बच्चों के खेलने के लिए बनाए गए पार्कों की। पालिका प्रशासन की सुस्ती के चलते लोग परेशान हैं। शहर की दौड़ती जिंदगी के बीच लोग सुबह-शाम टहल सकें, इसके लिए पार्क बनवाए गए। यहां छोटे-छोटे बच्चों के खेलने के लिए झूले आदि भी लगवाए गए, लेकिन नगर पालिका की लापरवाही से शहर के पार्क बदहाल हो चुके हैं।
रखरखाव के अभाव में टूटे झूले, जलभराव की भी समस्या
कलेक्ट्रेट भवन से महज 50 मीटर दूरी पर स्थित वीर कुंवर सिंह उद्यान के नाम से पार्क है। पार्क में बच्चों के खेलने के लिए झूले समेत अन्य उपकरण लगाए गए हैं। झूले टूट चुके हैं। वहीं, पार्क में गड्ढा होने से जलभराव हो रहा है। इस तरफ जिम्मेदार अधिकारी ध्यान नहीं देते। पार्क में बुनियादी सुविधाएं भी नहीं हैं।
मेहता पार्क कम, धरना स्थल ज्यादा
कलेक्ट्रेट भवन के ठीक सामने मेहता पार्क है। पार्क में हरियाली कम मिट्टी अधिक है। इस समय पार्क बदहाल है। इस पार्क में लोग टहलने के लिए तो नहीं आते लेकिन धरना यहां आए दिन होता है। जिला अधिकारी की नजर इस ओर नहीं जाती है। वहीं नगर पालिका प्रशासन भी लापरवाह बना है। जिससे पार्क में आने वाले लोग परेशान हैं।
पार्क को बना दिया वाहन स्टैंड
दीवानी कचहरी से कुछ दूरी पर स्थित ठंडी सड़क है। इस सड़क के किनारे पार्क बना है। पार्क बदहाल हो चुका है। इस पर जिम्मेदार अधिकारी का ध्यान दे रहे हैं। इस पार्क में बड़ी-बड़ी झाड़ियां उग आई हैं। यहां पार्क में ऑटो, ई-रिक्शा समेत अन्य वाहन भी खड़े हो रहे हैं। ऐसे में बदहाल पार्क वाहनों की पार्किंग बन गया है।
यहां हरियाली का नाम निशान नहीं
डीएम के निर्देश पर सिधारी क्षेत्र में एक पार्क बनाया गया है। इस पार्क में लोगों को टहलने के लिए पाथवे तो बना दिया गया लेकन हरियाली की व्यवस्था अभी तक नहीं की गई। पार्क बदहाल पड़ा है। इस तरफ ध्यान नहीं देते हैं, यदि जिम्मेदार इसपर ध्यान देते तो पार्क की हालत ठीक हो जाती।
पार्कों की बदहाली के लिए बैठक की गई है। सभी को सुधार के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिया गया है। जिससे लोग सुबह टहल कर अपनी सेहत बना सके। बदहाल पार्कों को जल्द सुधारा जाएगा।- गंभीर सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व।