आजमगढ़। एग्रीस्टैक डिजिटल क्रॉप सर्वे से अलग करने की मांग को लेकर मंगलवार को पंचायत सहायक यूनियन उत्तर प्रदेश के बैनर तले पंचायत सहायकों ने जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान हमारी मांगें पूरी करो के नारे लगाए गए और अपनी समस्याओं के समाधान की मांग की। पंचायत सहायकों का कहना है कि शासनादेश के तहत खरीफ मौसम 2025 से डिजिटल क्रॉप सर्वे का कार्य प्राइवेट सर्वेयरों से कराने के निर्देश हैं। फिर भी पंचायत सहायकों को सर्वेयर के रूप में शामिल करने की बात की जा रही है। यूनियन का स्पष्ट कहना है कि वे इस कार्य को ठोस कारणों से संपन्न करने में असमर्थ हैं। प्रदर्शन के दौरान सौंपे गए ज्ञापन में पंचायत सहायकों ने प्रमुख कारणों का उल्लेख किया।
उन्होंने तकनीकी संसाधनों का अभाव
अधिकांश पंचायत सहायकों के पास जीपीएस समर्थित स्मार्टफोन या जरूरी उपकरण उपलब्ध नहीं हैं। एकल कर्मचारी व्यवस्था ग्राम पंचायत सचिवालय में पंचायत सहायक ही अकेला कर्मचारी है। उसके फील्ड में जाने से सचिवालय का कार्य ठप हो जाता है। विभागीय असंगतता डिजिटल क्रॉप सर्वे पूरी तरह कृषि विभाग का कार्य है, जबकि पंचायत सहायक पंचायती राज विभाग से संबद्ध हैं। सहायकों ने मांग की कि उन्हें डिजिटल क्रॉप सर्वे के कार्य से अलग किया जाए और तकनीकी व प्रशासनिक परेशानियों का समाधान किया जाए, अन्यथा आंदोलन जारी रहेगा। इस अवसर पर सैकड़ों की संख्या में पंचायत सहायक डीएम कार्यालय पर मौजूद रहे।