वाराणसी। अक्षय तृतीया पर इस बार भी कोरोना का असर बना रहेगा। पिछले साल की तरह इस बार भी अक्षय तृतीया पर सराफा दुकानें बंद रहेंगी। पिछले साल लाकडाउन था तो इस साल 17 मई तक कोरोना कर्फ्यू है। ऐेसे में 14 मई को अक्षय तृतीया के दिन भी दुकानें व शोरूम बंद रहेंगे। सराफा कारोबारियों के अनुसार, पिछले साल तो कुछ दुकानदारों ने ऑनलाइन बिक्री भी की थी, लेकिन इस बार वैसी कोई मांग भी बाजार में नहीं दिख रही है। अप्रैल से लेकर मई अब तक कई लोगों ने जान गंवा दी। परिवार में शोक और दुख है तो ऐसे में कोई बहुत मांग भी नहीं कर रहा है। दो साल पूर्व अनुमान के मुताबिक शहर में 200 करोड़ की बिक्री अक्षय तृतीया पर होती थी, लेकिन इस बार भी सब कुछ ठप रहेगा। मान्यता के अनुसार अक्षय तृतीया पर सोना आभूषणों की खरीदारी शुभ मानी जाती है।
उत्तर प्रदेश मराठा एसोसिएशन के सरंक्षक व चौक स्थित सुड़िया के आभूषण व्यवसाय से जुड़े मानिक राव पटेल ने बताया कि कोरोना ने दूसरी बार अक्षय तृतीया पर असर डाला है। शादी व अक्षय तृतीया लग्न दोनों ही कोरोना की भेंट चढ़ गए। कारखाने बंद हैं तो कारीगर भी अपने घरों को लौट गए। बाजार में आर्डर नहीं है। गलाई कारखाने पखवारे भर से बंद है।
वाराणसी सराफा एसोसिएशन के उपाध्यक्ष रवि सराफ ने बताया कि पिछली बार भी दुकानें बंद थी तो कुछ रिटेलर कारोबारियों ने आनलाइन बिक्री की थी लेकिन इस बार तो वह भी माहौल नहीं दिख रहा है। दो दिन बाद अक्षय तृतीया है लेकिन मांग कहीं से भी कुछ नहीं है। बहुत से कष्ट में सराफा कारोबार से जुड़े लोगों की स्थिति है, कारीगरों की हालत बहुत ज्यादा खराब है।