400 पुलिसकर्मियों और ड्रोन निगरानी के बीच हुई कार्रवाई
माई सिटी रिपोर्टर
वाराणसी। दालमंडी चौड़ीकरण योजना के तहत शनिवार को 25 दिन बाद एक बार फिर बुलडोजर चला। प्रशासन और पीडब्ल्यूडी की संयुक्त कार्रवाई में 45 भवनों को ध्वस्त किए जाने की प्रक्रिया शुरू की गई, हालांकि देर शाम तक 25 भवन ही गिराए जा सके। कार्रवाई के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर व्यापक इंतजाम किए गए थे। पूरे क्षेत्र की निगरानी ड्रोन कैमरों से की गई, जबकि 400 से अधिक पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे।
पीडब्ल्यूडी की ओर से पहले ही मुनादी कराकर मकान मालिकों और दुकानदारों को दोपहर 12 बजे तक अपना सामान हटाने के निर्देश दिए गए थे। शनिवार सुबह प्रशासनिक अधिकारी, बुलडोजर और भारी पुलिस बल के साथ टीम मौके पर पहुंची और ध्वस्तीकरण शुरू कराया गया। कार्रवाई के दौरान आसपास के इलाकों में बैरिकेडिंग कर लोगों की आवाजाही नियंत्रित की गई।
प्रशासन का कहना है कि दालमंडी चौड़ीकरण योजना पूरी होने के बाद इस इलाके में जाम की समस्या से काफी राहत मिलेगी और आवागमन पहले से अधिक सुगम होगा। एडीएम सिटी आलोक वर्मा ने बताया कि जिन 45 भवनों पर कार्रवाई प्रस्तावित है, उनमें से 25 भवनों का बैनामा पहले ही कराया जा चुका है, जबकि शेष 20 भवन जर्जर हालत में हैं। एसीपी दशाश्वमेध डॉ. अतुल अंजन त्रिपाठी ने बताया कि दालमंडी क्षेत्र में यह अब तक की सबसे बड़ी ध्वस्तीकरण कार्रवाई है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पीएसी, पैरामिलिट्री फोर्स और कई थानों की पुलिस भी मौके पर मौजूद रही।
650 मीटर सड़क को 17.4 मीटर तक किया जाएगा चौड़ा
दालमंडी चौड़ीकरण परियोजना के तहत 650 मीटर लंबी सड़क को 17.4 मीटर चौड़ा किया जाना है। इसके लिए कुल 187 संपत्तियां चिह्नित की गई हैं, जिनमें 181 मकान और छह मस्जिदें शामिल हैं। इसके अलावा क्षेत्र की लगभग 1400 दुकानें भी इस परियोजना से प्रभावित हो रही हैं। दालमंडी में पहली बार 29 अक्तूबर 2025 को ध्वस्तीकरण अभियान शुरू किया गया था।
वर्जन
चिह्नित सभी 45 भवनों पर कार्रवाई की जानी है। शनिवार शाम तक 25 भवनों को हटाया जा चुका है। अब तक कुल 79 भवन ध्वस्त किए जा चुके हैं। रविवार को भी अभियान जारी रहेगा। - केके सिंह, अधिशासी अभियंता, पीडब्ल्यूडी