फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Budget 2025 : छोटे उद्यमियों के लिए खुशखबरी..., डेढ़ करोड़ तक मिलेगा कर्ज; गारंटी देगी सरकार

Sun, 02 Feb 2025 09:15 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।

सार

क्रेडिट गारंटी कवर बढ़ने से सूक्ष्म व छोटे उद्यमियों को अगले पांच साल में 1.5 लाख करोड़ रुपये अतिरिक्त कर्ज मुहैया होगा। लंबे समय से एमएसएमई सेक्टर में राहत की मांग वित्त मंत्री ने सुनी। वाराणसी समेत पूर्वांचल के छोटे-मझोले उद्योगों को संभाला। 
विज्ञापन
बजट को सुनते वाराणसी के उद्यमी। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Budget 2025 : सूक्ष्म व लघु उद्यमियों के लिए पहले क्रेडिट गारंटी कवर की सीमा पांच करोड़ रुपये थी, आम बजट में उसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया गया। इसका मतलब कि इतने कर्ज की गारंटी सरकार देगी।स्टार्टअप के लिए क्रेडिट गारंटी कवर की सीमा 10 करोड़ से बढ़ाकर 20 करोड़ होने से काफी राहत होगी।

विज्ञापन


इससे नए स्टार्टअप आएंगे। अर्थव्यवस्था की सेहत और सुधरेगी। शहर के उद्यमियों ने बताया कि उद्यम पोर्टल पर पंजीकृत सूक्ष्म उद्यमियों को पांच लाख रुपये सीमा वाला विशेष क्रेडिट कार्ड शुरू किया जाएगा। सरकार ने कहा है कि पहले साल में 10 लाख क्रेडिट कार्ड जारी किए जाएंगे। 

इतनी सहूलियत मिलेगी तो सूक्ष्म उद्योगों के संचालन में कोई बाधा नहीं आएगी। नए उद्योगों और नए स्टार्टअप के द्वार खुलेंगे या फिर जो संचालित है उनके संचालन में और सुगमता आएगी। इससे रोजगार का सृजन भी होगा। नव युवकों को रोजगार मुहैया होने के साथ ही देश की अर्थव्यवस्था भी बेहतर होगी। 

विज्ञापन

ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म को मिलेगा बढ़ावा

आम बजट पर शहर के उद्यमियों, व्यापारियों, बैंक अधिकारियों व चार्टर्ड एकाउंटेंट ने अपने-अपने तरीके से बजट पर चर्चा की। ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म को बढ़ावा देने वाला बजट बताया। कहा कि कृषि, एमएसएमई, एक्सपोर्ट, क्लीन एनर्जी आदि पर वित्तमंत्री ने ध्यान दिया है। 

केंद्र सरकार के बजट में धार्मिक टूरिज्म पर बढ़ावा देने का फायदा काशी को मिलना तय है। शनिवार को मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से आयोजित बजट पर चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि अपेक्षा के अनुरूप युवाओं, किसानों, एमएसएमई, महिलाओं यानी सबका ध्यान रखा गया है। 

आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से संतुलित और विकासोन्मुख है। नेशनल फूड काउंसिल एसोसिएशन के चेयरमैन दीपक बजाज ने कहा कि एआई के लिए 500 करोड़ का प्रावधान लाभकारी साबित होगा। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा ने कहा कि इस बजट के दूरगामी परिणाम निकलेंगे। निवेश को बढ़ावा मिलेगा। 

इनकी भी सुनें

बजट को सुनते वाराणसी के उद्यमी और व्यापारी। - फोटो : अमर उजाला
यह बजट छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप को राहत देने वाला है। मुद्रा लोन और क्रेडिट गारंटी योजना का विस्तार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। स्टार्टअप पर कर छूट 2027 तक बढ़ाई गई। यह विदेशी निवेश और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अहम है। एमएसएमई सेक्टर बजट से राहत महसूस कर रहा है। - आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए

पहली बार के उद्यमियों के लिए नई योजना का एलान किया गया। पांच लाख महिला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। इससे अगले पांच वर्षों के दौरान दो करोड़ रुपये तक सावधि ऋण उपलब्ध होगा। इस योजना में सफल स्टैंड अप इंडिया से प्राप्त अनुभवों को शामिल किया जाएगा। - राजेश भाटिया, अध्यक्ष, दी स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन

टैक्स स्लैब में बदलाव से मिडिल क्लास को राहत मिली है। 12 लाख तक टैक्स से छूट से होने वाला बचत निवेश के रूप में रियल इस्टेट में आएगा। जिससे यह सेक्टर बूम करेगा। - अनूप अग्रवाल, सीएमडी, रुद्रा समूह

 50 लाख की सेल पर कस्टमर से जो भी टीसीएस चार्ज करना पड़ता थाखख्वह प्रावधान समाप्त कर दिया गया। टीडीएस की लिमिट भी बढ़ाई गई है। अब कम टीडीएस कटेगा। - अरुण अग्रवाल, एमडी, रुद्रा समूह

टैक्स छूट की सीमा 12 लाख रुपये तक

वित्त मंत्री ने होम बायर्स के हाथों में पैसा पहुंचाने के लिए इनकम टैक्स छूट की सीमा 12 लाख रुपये तक करने की घोषणा कर संजीवनी दी है। नौकरी पेशा वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन छूट की सीमा 75 हजार रुपये की गई है। -  अविनाश चंद्र, रियल एस्टेड व सीआरडीएआइ के सदस्य

इस बार बजट में एजुकेशन और मेडिकल सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने की घोषणा की है। एआई एजुकेशन के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। - डॉ. अमित मौर्य, अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन 

रेलकर्मियों व आश्रितों के जीवन स्तर में सुधार, उत्थान की कोई रूप रेखा इस बजट में नजर नहीं आ रही है, जैसे रेल कर्मी के आवास, बच्चों के शिक्षा, चिकित्सा व आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त उपकरणों उपलब्ध कराने का कोई चर्चा या पहल नजर नहीं आ रही है। - राणा राकेश रंजन, मंडल उपाध्यक्ष, एनई रेलवे मजदूर यूनियन, वाराणसी मंडल
विज्ञापन

18 माह की रोकी गई डीए पर सवाल

पुरानी पेंशन बहाल करने सहित विभिन्न मुद्दों पर निराशा हाथ लगी है। रेलवे में खाली पदों को भरने, कोविड-19 के समय का बकाया महंगाई भत्ते की तीनों किस्तों का भुगतान करने आदि पर कोई फैसला नहीं हुआ। इन अहम मुद्दों पर कुछ नहीं होने से रेलवे कर्मचारियों को घोर निराशा हुई है। - विंध्यवासिनी यादव, शाखा मंत्री, उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन 

रेल के लिए किसी विशेष पैकेज का घोषित नहीं होना निराशाजनक है। साथ ही पिछले वित्त वर्ष रेल के लिए 2.65 लाख करोड़ के प्रावधान के विपरीत इस वर्ष केवल 2.55 लाख करोड़ का आवंटन उत्पादन इकाइयों को निराश किया है। - अखिलेश पांडेय, केंद्रीय अध्यक्ष, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस

यह बजट निजीकरण और सरकार के संसाधनों को प्राइवेट हाथों में देने का है। 18 माह की रोकी गई डीए पर वित्त मंत्री ने कुछ नहीं कहा है। साथ ही जरूरी और आवश्यक वस्तुओं को महंगाई से रोकने का कोई उपाय नहीं दिया है। रिक्त पदों को भरने के लिए लगे बैन को मुक्त कराने के लिए कोई जरूरी कदम नहीं उठाया है। - रमेश मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ

सरकार ने अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 25000 करोड़ की अतिरिक्त राशि आवंटित की है। इससे 1 लाख लंबित घरों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इससे घर खरीदारों को राहत मिलेगी। - आकाशदीप, अध्यक्ष, क्रेडाई पूर्वांचल
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें