आम बजट पर शहर के उद्यमियों, व्यापारियों, बैंक अधिकारियों व चार्टर्ड एकाउंटेंट ने अपने-अपने तरीके से बजट पर चर्चा की। ट्रेड, टेक्नोलॉजी और टूरिज्म को बढ़ावा देने वाला बजट बताया। कहा कि कृषि, एमएसएमई, एक्सपोर्ट, क्लीन एनर्जी आदि पर वित्तमंत्री ने ध्यान दिया है।
केंद्र सरकार के बजट में धार्मिक टूरिज्म पर बढ़ावा देने का फायदा काशी को मिलना तय है। शनिवार को मलदहिया स्थित विनायक प्लाजा में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की ओर से आयोजित बजट पर चर्चा में विशेषज्ञों ने कहा कि अपेक्षा के अनुरूप युवाओं, किसानों, एमएसएमई, महिलाओं यानी सबका ध्यान रखा गया है।
आईआईए के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आरके चौधरी ने कहा कि यह बजट पूरी तरह से संतुलित और विकासोन्मुख है। नेशनल फूड काउंसिल एसोसिएशन के चेयरमैन दीपक बजाज ने कहा कि एआई के लिए 500 करोड़ का प्रावधान लाभकारी साबित होगा। रामनगर औद्योगिक एसोसिएशन के अध्यक्ष दयाशंकर मिश्रा ने कहा कि इस बजट के दूरगामी परिणाम निकलेंगे। निवेश को बढ़ावा मिलेगा।
बजट को सुनते वाराणसी के उद्यमी और व्यापारी।
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यह बजट छोटे उद्यमियों और स्टार्टअप को राहत देने वाला है। मुद्रा लोन और क्रेडिट गारंटी योजना का विस्तार औद्योगिक विकास को बढ़ावा देगा। स्टार्टअप पर कर छूट 2027 तक बढ़ाई गई। यह विदेशी निवेश और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए अहम है। एमएसएमई सेक्टर बजट से राहत महसूस कर रहा है। - आरके चौधरी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, आईआईए
पहली बार के उद्यमियों के लिए नई योजना का एलान किया गया। पांच लाख महिला अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के उद्यमियों के लिए एक नई योजना शुरू की जाएगी। इससे अगले पांच वर्षों के दौरान दो करोड़ रुपये तक सावधि ऋण उपलब्ध होगा। इस योजना में सफल स्टैंड अप इंडिया से प्राप्त अनुभवों को शामिल किया जाएगा। - राजेश भाटिया, अध्यक्ष, दी स्माल इंडस्ट्रीज एसोसिएशन
टैक्स स्लैब में बदलाव से मिडिल क्लास को राहत मिली है। 12 लाख तक टैक्स से छूट से होने वाला बचत निवेश के रूप में रियल इस्टेट में आएगा। जिससे यह सेक्टर बूम करेगा। - अनूप अग्रवाल, सीएमडी, रुद्रा समूह
50 लाख की सेल पर कस्टमर से जो भी टीसीएस चार्ज करना पड़ता थाखख्वह प्रावधान समाप्त कर दिया गया। टीडीएस की लिमिट भी बढ़ाई गई है। अब कम टीडीएस कटेगा। - अरुण अग्रवाल, एमडी, रुद्रा समूह
वित्त मंत्री ने होम बायर्स के हाथों में पैसा पहुंचाने के लिए इनकम टैक्स छूट की सीमा 12 लाख रुपये तक करने की घोषणा कर संजीवनी दी है। नौकरी पेशा वर्ग के लिए स्टैंडर्ड डिडक्शन छूट की सीमा 75 हजार रुपये की गई है। - अविनाश चंद्र, रियल एस्टेड व सीआरडीएआइ के सदस्य
इस बार बजट में एजुकेशन और मेडिकल सेक्टर पर विशेष ध्यान दिया गया है। वित्तमंत्री ने मेडिकल कॉलेज में सीटें बढ़ाने की घोषणा की है। एआई एजुकेशन के लिए 500 करोड़ का प्रावधान किया गया है। - डॉ. अमित मौर्य, अशोका इंस्टीट्यूट के वाइस चेयरमैन
रेलकर्मियों व आश्रितों के जीवन स्तर में सुधार, उत्थान की कोई रूप रेखा इस बजट में नजर नहीं आ रही है, जैसे रेल कर्मी के आवास, बच्चों के शिक्षा, चिकित्सा व आधुनिक टेक्नोलॉजी युक्त उपकरणों उपलब्ध कराने का कोई चर्चा या पहल नजर नहीं आ रही है। - राणा राकेश रंजन, मंडल उपाध्यक्ष, एनई रेलवे मजदूर यूनियन, वाराणसी मंडल
पुरानी पेंशन बहाल करने सहित विभिन्न मुद्दों पर निराशा हाथ लगी है। रेलवे में खाली पदों को भरने, कोविड-19 के समय का बकाया महंगाई भत्ते की तीनों किस्तों का भुगतान करने आदि पर कोई फैसला नहीं हुआ। इन अहम मुद्दों पर कुछ नहीं होने से रेलवे कर्मचारियों को घोर निराशा हुई है। - विंध्यवासिनी यादव, शाखा मंत्री, उत्तरीय रेलवे मजदूर यूनियन
रेल के लिए किसी विशेष पैकेज का घोषित नहीं होना निराशाजनक है। साथ ही पिछले वित्त वर्ष रेल के लिए 2.65 लाख करोड़ के प्रावधान के विपरीत इस वर्ष केवल 2.55 लाख करोड़ का आवंटन उत्पादन इकाइयों को निराश किया है। - अखिलेश पांडेय, केंद्रीय अध्यक्ष, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस
यह बजट निजीकरण और सरकार के संसाधनों को प्राइवेट हाथों में देने का है। 18 माह की रोकी गई डीए पर वित्त मंत्री ने कुछ नहीं कहा है। साथ ही जरूरी और आवश्यक वस्तुओं को महंगाई से रोकने का कोई उपाय नहीं दिया है। रिक्त पदों को भरने के लिए लगे बैन को मुक्त कराने के लिए कोई जरूरी कदम नहीं उठाया है। - रमेश मिश्रा, कार्यकारी अध्यक्ष, पूर्वोत्तर रेलवे कर्मचारी संघ
सरकार ने अटकी हुई आवासीय परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 25000 करोड़ की अतिरिक्त राशि आवंटित की है। इससे 1 लाख लंबित घरों का निर्माण पूरा होने की उम्मीद है। इससे घर खरीदारों को राहत मिलेगी। - आकाशदीप, अध्यक्ष, क्रेडाई पूर्वांचल