कवि अजय कृष्ण त्रिपाठी ने कहा कि अच्छे और जनहित के कार्यों में सहयोग करना काशी की परंपरा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि मंदिर निर्माण के इस कार्य में भी समाज का पूरा सहयोग मिलेगा। वहीं अरुण सिंह, सुनील कुमार मिश्र उर्फ गुड्डू भैया तथा कुटीर महाविद्यालय के प्राचार्य राघवेंद्र पांडे ने कहा कि सभी लोग भगवान जगन्नाथ के भव्य मंदिर का निर्माण चाहते हैं, लेकिन 52 बीघा भूमि के नाम पर किसी भी स्थानीय नागरिक का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर कथित फर्जी मुकदमे दर्ज हैं, उनका शीघ्र निस्तारण कराया जाए। इस दिशा में उन्होंने ट्रस्ट से भी सहयोग की अपेक्षा जताई।
अपने संबोधन में ट्रस्ट श्री जगन्नाथ मंदिर के अध्यक्ष एवं पूर्व एमएलसी बृजेश सिंह ने कहा कि अध्यक्ष बनने के बाद से ही उन्होंने लोगों के बीच फैली इस भ्रांति को दूर करने का प्रयास किया है कि ट्रस्ट का 52 बीघा भूमि से कोई संबंध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट केवल वर्तमान में मंदिर के पास उपलब्ध भूमि पर ही भगवान जगन्नाथ का भव्य मंदिर बनाने की योजना पर कार्य कर रहा है। उन्होंने कहा कि इस कार्य में पूरे काशीवासियों का सहयोग अपेक्षित है और ट्रस्ट का उद्देश्य केवल मंदिर निर्माण है।
कार्यक्रम का संयोजन एवं संचालन समाजसेवी रामयश मिश्रा ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन पप्पू जी के पुत्र मनोज सिंह ने किया। इस अवसर पर अशोक सिंह, शरद शुक्ला, पार्षद श्याम भूषण, ललित सिंह, दिनेश मिश्रा, शरद शुक्ला, परमेंद्र मिश्रा, उत्कर्ष श्रीवास्तव, धीरज कुमार मिश्रा, अमित त्रिपाठी, दिलीप मिश्रा, शैलेंद्र मिश्रा उर्फ सोनू मिश्रा, बच्चा वर्मा, आलोक राय सहित बड़ी संख्या में अस्सी के अड़ीबाज एवं स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे।