लोहिया आवास के निर्माण में घपलेबाजी का खुलासा होने से ग्राम पंचायत से लेकर ब्लॉक तक के अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। बुधवार को प्रभारी बीडीओ ने इस मामले की जांच भी शुरू कर दी है। उन्होंने अर्जुनपुर के ग्राम पंचायत अधिकारी से इस मामले में जवाब तलब किया है। वहीं, ग्रामीणों ने जांच अधिकारी की कार्यशैली की नीयत पर ही सवाल खड़े किए हैं।
विकास खंड के अर्जुनपुर सहित आधा दर्जन लोहिया गांवों में लोहिया आवास के निर्माण में घपलेबाजी के खेल को पिछले दिनों अमर उजाला ने उजागर किया था। इसके बाद से खलबली मची हुई है। कई गांवों के प्रधानों ने लाभार्थियों की बैंक पासबुक जब्त कर ली है और उन्हें अपने पास से घटिया निर्माण सामग्री देकर आवास बनवा रहे हैं। वहीं, कई प्रधानों ने मामले का खुलासा होने के बाद लाभार्थियों की पासबुक लौटा दी है।
मामले की जांच कर रहे प्रभारी बीडीओ ने अर्जुनपुर गांव के ग्राम पंचायत अधिकारी से पूछा है कि जब लोहिया आवास के लाभार्थियों के खातों से धन निकला ही नहीं है तो किस मद से घटिया ईंटें खरीदकर उनके दरवाजे पर गिराई गई हैं। उन्होंने जल्द से जल्द इसका जवाब देने को कहा है। वहीं, गांव के विजय बहादुर राम, छोटेलाल पटेल, मुन्नालाल गोंड और प्रेमशंकर यादव का आरोप है कि जिस अधिकारी को जांच मिली है, उसी की सह पर लोहिया आवास में घपलेबाजी का खेल खेला गया है। इसलिए निष्पक्ष जांच संभव नही हैं।